शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की हुई पूजा-अर्चना

चांडिल, 23 सितंबर : शारदीय नवरात्रि का दूसरा दिन देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। नवरात्र के दूसरे दिन मंगलवार को विधि-विधान के साथ मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई। चौका में सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमेटी के तत्वावधान में आयोजित दुर्गोत्सव में मंगलवार को सुबह मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना के लिए कलश यात्रा निकाली गई। कलश स्थापना के बाद यहां देवी का पूजन प्रारंभ हुआ।
मंगलवार को बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना करने मंदिर पहुंचे और देवी की आराधना कर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना किया। पूजा-अर्चना के साथ यहां चंडीपाठ किया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से व्यक्ति के भीतर धैर्य, तप, संयम और त्याग की भावना विकसित होती है। उनकी कृपा से जीवन में ज्ञान, सफलता और शांति मिलती है। मंगल ग्रह के अशुभ प्रभाव भी कम हो जाते हैं।
शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के रूप में देवी दुर्गा की पूजा की जाती है। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली, यानि तप का आचरण करने वाली देवी। मां का यह स्वरूप तप, संयम और वैराग्य का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार, पूर्व जन्म में मां ब्रह्मचारिणी राजा हिमालय और मैना की पुत्री थीं। नारद मुनि की प्रेरणा से उन्होंने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।



