मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद सोबरन सोरेन को दी श्रद्धांजलि

लुकैयाटांड़ में शहादत दिवस पर कहा— “झारखंड वीरों की धरती, विकास में सबकी भागीदारी जरूरी”
रामगढ़, 27 नवंबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को शहीद सोबरन सोरेन के 68वें शहादत दिवस पर लुकैयाटांड़ (नेमरा, गोला) स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की धरती वीर सपूतों के बलिदान से सींची गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों से उठे शहीदों ने जल-जंगल-जमीन, हक-अधिकार और अस्मिता की रक्षा के लिए संघर्ष किया और अपने प्राणों की आहुति दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद सोबरन सोरेन को याद करना सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने दिशा-निर्देश गुरु दिवंगत शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि उनका न होना एक युग का अंत है, लेकिन उनके आदर्श झारखंड को मजबूत बनाने की राह दिखाते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि झारखंड 25 साल का युवा राज्य है और आज सरकार हर क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। नौजवानों को मजबूत करने के लिए रोजगार और स्वरोजगार, दोनों मोर्चों पर पहल जारी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 28 नवंबर को सरकार अपने एक वर्ष के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी और इसी अवसर पर 10 हजार से अधिक युवक-युवतियों को सरकारी नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गांव की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए लगातार काम कर रही है। महिलाएं आज सरकारी योजनाओं से जुड़कर स्वावलंबन की नई मिसाल कायम कर रही हैं। सेवा का अधिकार कार्यक्रम के तहत योजनाओं को घर-आंगन तक पहुंचाया जा रहा है और बिचौलिया व्यवस्था को खत्म किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी और बढ़ गई है। सभी को मिलकर झारखंड के सर्वांगीण विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
कार्यक्रम में विधायक ममता देवी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



