सरायकेला, 23 अप्रैल : सरायकेला-खरसावां जिले में प्रत्येक माह होने वाली जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की नियमित समीक्षा बैठक इस बार खास मायने रखती दिखी। उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अवैध खनन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि “बिना किसी वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि संचालित नहीं होगी।”
गौरतलब है कि Manbhum Updates ने हाल ही में कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी के मानीकुई पुल के नीचे चल रहे बालू खनन को प्रमुखता से उठाया था। खबर में यह सामने आया था कि कथित तौर पर “जल व्यवस्था” या “पानी जमा करने के लिए गड्ढा खुदाई” के नाम पर खनन कार्य किया जा रहा है, जबकि स्थानीय लोगों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि या तो इसकी वैधानिक अनुमति सार्वजनिक की जाए या फिर इसे अवैध घोषित कर कार्रवाई की जाए।
स्थानीय स्तर पर उठे इन सवालों और Manbhum Updates की रिपोर्टिंग के बाद इस मुद्दे ने प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता पकड़ी। हालांकि यह बैठक नियमित मासिक समीक्षा का हिस्सा थी, लेकिन इस बार अवैध खनन को लेकर दिए गए सख्त निर्देशों को सीधे तौर पर हालिया घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
बैठक में उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को खनन निरीक्षकों के साथ समन्वय बनाकर नियमित जांच अभियान चलाने और अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले के ईंट भट्ठों का मानचित्रण कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
श्रेणी-2 बालू घाटों के संचालन में देरी पर नाराजगी जताते हुए ईचागढ़ एवं कुकड़ू के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया, ताकि वैध खनन व्यवस्था शुरू हो सके और अवैध गतिविधियों पर रोक लगे।
जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर शतपथी ने जानकारी दी कि 11 मार्च से 22 अप्रैल 2026 तक चलाए गए अभियान में 10 वाहनों को जब्त किया गया है, जिनमें 5 हाईवा, 4 ट्रैक्टर और 1 टाटा 407 शामिल हैं। इस दौरान करीब 4000 सीएफटी बालू जब्त कर 2.10 लाख रुपये की राजस्व वसूली की गई है।
दलमा क्षेत्र में मिल रही शिकायतों पर उपायुक्त ने संयुक्त निरीक्षण और वीडियोग्राफी के निर्देश दिए हैं। वहीं पश्चिम बंगाल चालान के माध्यम से खनिज परिवहन की शिकायतों की भी जांच करने को कहा गया है।
जनता के सवालों ने बढ़ाया दबाव
मानीकुई पुल के नीचे हो रहे खनन को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा वैधानिक अनुमति सार्वजनिक करने की मांग अब भी बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन के सख्त निर्देशों के बाद अब नजर इस बात पर टिकी है कि संबंधित स्थल पर वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और क्या कार्रवाई होती है।
Manbhum Updates की भूमिका
जनहित के मुद्दों को लगातार प्रमुखता से उठाते हुए Manbhum Updates ने एक बार फिर यह दिखाया है कि स्थानीय पत्रकारिता किस तरह प्रशासनिक जवाबदेही तय कराने में अहम भूमिका निभा सकती है।