Manbhum Updates Big Breaking : ईचागढ़ में ‘दीदी बाड़ी’ योजना पर सवाल—लाभुकों के नाम पर फर्जी निकासी का आरोप, जांच की मांग तेज
चांडिल, 18 नवंबर : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के ईचागढ़ प्रखंड में मनरेगा की दीदी बाड़ी योजना को लेकर बड़े घपले का आरोप सामने आया है। सोडो पंचायत के खीरी–बामुनडीह में कई लाभुकों के नाम पर योजना स्वीकृत दिखायी गई है, जबकि स्वयं लाभुकों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। लाभुकों का कहना है कि उनके नाम से दीदी बाड़ी योजना स्वीकृत कर दी गई, राशि की निकासी भी कर ली गई, लेकिन जमीन पर एक भी दिन काम नहीं हुआ।
लाभुकों को यह जानकारी तब मिली जब किसी जानकार ने आधिकारिक पोर्टल पर उनकी योजना स्थिति जांचने की सलाह दी। पोर्टल पर देखकर पता चला कि उनके नाम से राशि भी खर्च दिखा दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई एक-दो मामले नहीं, बल्कि कई योजनाओं में इसी तरह की गड़बड़ियां की गई हैं—योजना पास, पैसा निकासी, लेकिन काम शून्य।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा खेल विचौलियों और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से किया गया है, जो लाभुकों की अनभिज्ञता का फायदा उठाकर सरकारी राशि की बंदरबांट कर रहे हैं। ऐसे मामलों से न केवल मनरेगा की पारदर्शिता पर सवाल उठता है, बल्कि गरीबों के हक़ पर भी सीधा चोट है।
सुने पीड़ित लाभुक के जुबानी
जब इस संबंध में ईचागढ़ प्रखंड विकास पदाधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई आधिकारिक बयान देने से परहेज़ किया। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि— क्या वास्तव में दोषियों पर कार्रवाई होगी या फिर हमेशा की तरह मामला दबाकर लीपा–पोती कर दी जाएगी?
स्थानीय ग्रामीणों के पास उपलब्ध सबूतों से मामला गंभीर प्रतीत होता है, और प्रशासन पर दबाव है कि जल्द व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं में बैठे भ्रष्ट तत्वों पर अंकुश लगाया जा सके।




