कुकडू, 01 May : अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने जिले सहित देशभर के मजदूरों को शुभकामनाएं देते हुए उनके अधिकारों की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बड़े-बड़े मंचों और सरकारों द्वारा मजदूरों को उनके हक और अधिकार दिलाने के कई दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे काफी अलग है। मधुश्री महतो ने अपने बयान में कहा कि आज भी मजदूर उसी तरह की दुर्दशा झेलने को मजबूर हैं, जैसी स्थिति आजादी से पहले हुआ करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में भी मजदूरों को उचित मजदूरी नहीं मिल रही है और बड़ी कंपनियां, बिल्डर तथा ठेकेदार कानून के प्रति लापरवाह बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कराया जाता है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। इन हादसों में कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, जबकि कुछ को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। इसके बावजूद संबंधित कंपनियां और ठेकेदार मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं दिखते। मधुश्री महतो ने आगे कहा कि मजदूर दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित सम्मान मिलता है और न ही उनके स्वास्थ्य की चिंता की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में बीमार होने पर मजदूरों के लिए इलाज की समुचित व्यवस्था तक नहीं की जाती, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने दावा किया कि 1 मई, जिसे मजदूरों का दिन माना जाता है, उस दिन भी कई कंपनियों में मजदूरों को अवकाश देने के बजाय काम कराया जा है। उन्होंने इसे मजदूरों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया। अंत में मधुश्री महतो ने सरकार और संबंधित विभागों से मजदूरों की स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि उन्हें उनका हक, सुरक्षा और सम्मान मिल सके।