रांची, 01 May : जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत झारखंड में स्व-गणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। इस क्रम में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं गांडेय की विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर इस अभियान का शुभारंभ किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं है, बल्कि यह राज्य और देश के भविष्य की दिशा तय करने का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े ही सरकार की नीतियों को आकार देते हैं, विकास योजनाओं की प्राथमिकता तय करते हैं और समाज के हर वर्ग की वास्तविक स्थिति को सामने लाते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला बताते हुए कहा कि इससे हर नागरिक की आवाज़ शासन तक पहुंचती है।
वहीं, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि इस बार स्व-गणना की सुविधा से आम नागरिकों को काफी सहूलियत मिलेगी। लोग आसानी से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सटीक होगी।
मुख्यमंत्री और विधायक ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं के जानकार पदाधिकारियों और कर्मियों की भागीदारी से यह अभियान और अधिक सरल व समावेशी बनेगा। झारखंड जैसे बहुभाषी राज्य में यह पहल दूरदराज के लोगों तक इस प्रक्रिया की सहज पहुंच सुनिश्चित करेगी।
अंत में दोनों नेताओं ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने कहा कि सटीक जानकारी ही बेहतर नीतियों और समग्र विकास की आधारशिला होती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का इसमें सहयोग आवश्यक है।