मुख्य न्यायाधीश पर हमला के विरोध में कालिंदी समाज ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

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मुख्य न्यायाधीश पर हमला के विरोध में कालिंदी समाज ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

चांडिल, 11 अक्टूबर : कालिंदी समाज चांडिल अनुमंडल की ओर से शनिवार को चांडिल के अनुमंडल पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन 6 अक्टूबर 2025 को भारत के उच्चतम न्यायालय में हुई उस निंदनीय घटना के विरोध में दिया गया, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश किशोर ने सुनवाई के दौरान देश के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई पर जूता फेंकने का प्रयास किया था। ज्ञापन सौंपने के पूर्व अनुमंडल मुख्यालय में एक सभा का आयोजन किया गया। सभा को जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी, ईचागढ के पूर्व विधायक अरविंद कुमार सिंह समेत कई गणमान्यों ने संबोधित किया।

 

ज्ञापन में कहा गया कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब कानून की गहरी समझ रखने वाले एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस प्रकार का असंवैधानिक कुकृत्य किया है। यह घटना न केवल न्यायपालिका की गरिमा पर आघात है, बल्कि दलित समाज की भावना को भी गहरी चोट पहुंचाने वाली है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई दलित समाज से आते हैं और सदियों से चले आ रहे सामाजिक अन्याय के बीच उन्होंने देश के सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंचकर न्याय और समानता की मिसाल पेश की है।

कालिंदी समाज ने अपने ज्ञापन में यह भी कहा कि मुख्य न्यायाधीश द्वारा अधिवक्ता को क्षमा कर देना उनकी महानता को दर्शाता है, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए दोषी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। समाज ने सरकार से मांग की है कि अधिवक्ता राकेश किशोर पर भारतीय दंड संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसके पीछे कौन-सी शक्तियां देश के संविधान और न्याय व्यवस्था को कमजोर करने में संलिप्त हैं। ज्ञापन की प्रतिलिपि भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है।

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