झामुमो नेता ओम प्रकाश लायेक पर खेती में बाधा डालने का आरोप, उपायुक्त के हस्तक्षेप से पीड़िता को मिला राहत का रास्ता

चांडिल/सरायकेला-खरसावां, 01 अगस्त : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य ओम प्रकाश लायेक पर एक महिला रैयत ने खेती करने से रोकने और सरकारी मापी में बाधा उत्पन्न करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद अब मामले में समझौता हुआ है और पीड़िता को उसकी जमीन पर खेती करने की आज़ादी मिल गई है।
यह मामला चांडिल थाना क्षेत्र के करनीडीह गांव के टोला भुइयांडीह से जुड़ा है। गांव की निवासी खुकी लायेक ने जून माह में सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त को एक लिखित ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया था कि झामुमो नेता ओम प्रकाश लायेक सहित संतोष लायेक, चंद्रकांत लायेक, महानंद लायेक और मंगल लायेक मिलकर उन्हें उनकी पुश्तैनी जमीन पर खेती करने से रोक रहे हैं।
पीड़िता का दावा है कि मापी के लिए अंचलाधिकारी द्वारा भेजे गए मापक को भी ओम प्रकाश लायेक ने अपने प्रभाव का उपयोग कर लौटा दिया, जिससे सरकारी प्रक्रिया बाधित हुई। साथ ही, इन लोगों द्वारा धमकी दिए जाने की बात भी कही गई है।
खुकी लायेक ने अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि उसके पूर्वज आनंद भुइयां के तीन पुत्रों – नीलकंठ, बैकुंठ और रतन भुइंया – में से रतन भुइंया के वंशज भी उनके पक्ष में खड़े हैं। पीड़िता के अनुसार, पिता द्वारा लिखित दस्तावेज के आधार पर उक्त जमीन उन्हें और उनकी बहन मिला लायेक को सौंप दी गई थी।
परेशान पीड़िता की गुहार पर उपायुक्त के निर्देश पर गुरुवार को चांडिल पुलिस की टीम भुइयांडीह पहुंची, जहां दोनों पक्षों की उपस्थिति में समझौता कराया गया। समझौते के अनुसार, खुकी लायेक को अपनी जमीन पर स्वतंत्र रूप से खेती करने की अनुमति दी गई है और किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं की जाएगी। साथ ही, जमीन की मापी व भविष्य में खातियानधारियों की सहमति से बिक्री का भी रास्ता खुल गया है।
इस मामले में जिला प्रशासन, विशेष रूप से उपायुक्त के त्वरित हस्तक्षेप, को ग्रामीणों ने सराहा है। पीड़िता ने भी राहत की सांस ली है और प्रशासन का आभार जताया है।


