चांडिल, 16 अप्रैल : सरायकेला- अंचल के तमोलिया पंचायत स्थित रुगड़ी गांव में रैयती जमीन को लेकर विवाद उस समय शुरू हुआ, जब साधू सरदार ने अपनी जमीन पर चारदीवारी का निर्माण कराया। उस दौरान कोई आपत्ति नहीं हुई, लेकिन बाद में प्रेम सिंह भूमिज द्वारा उसी जमीन पर अपना दावा ठोकने से विवाद गहराता चला गया। मामले को लेकर साधू सरदार ने ग्राम प्रधान और आदिवासी समाज के विभिन्न संगठनों को इसकी जानकारी दी। विवाद बढ़ने के बाद ग्राम सभा की बैठक बुलाई गई, जहां दोनों पक्षों को बैठक की सूचना दिए गए थे लेकिन प्रेम सिंह भूमिज उक्त ग्राम सभा पर उपस्थित नहीं हुई ,दावे और कागजातों की जांच की गई।
बैठक में खतियानधारी के वंशजों ने स्पष्ट किया कि खाता संख्या 205, प्लॉट संख्या 322 की जमीन सुरु भूमिज के नाम पर दर्ज है। दस्तावेजों के अनुसार यह जमीन साधू सरदार के मामाजी , के नाम पर खतियान में अंकित है। वहीं प्रेम सिंह भूमिज भी इस जमीन पर अपना हक जता रहे हैं। हालांकि ग्राम प्रधान बैठक में उपस्थित नहीं थे, लेकिन आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने मिलकर दस्तावेजों, वंशावली और खतियान की गहन जांच-पड़ताल की। वंशावली और खतियान के आधार पर यह जमीन साधू सरदार की पाई गई है। जांच के बाद ग्राम सभा में मौजूद लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि उपलब्ध कागजातों के अनुसार जमीन का असली हकदार साधू सरदार ही हैं। बैठक में कोरमु मार्डी, डॉ. सत्यनारायण मुर्मू, अनूप महतो और संकर सिंह गांव के लाया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
अब देखना होगा कि ग्राम सभा के इस फैसले के बाद विवाद पूरी तरह शांत होता है या मामला आगे प्रशासनिक स्तर तक पहुंचता है।