उपायुक्त ने गर्मी को देखते हुए बंद पड़े जलमीनार, नलकूप व चापाकलों को शीघ्र दुरुस्त करने के दिए निर्देश

सरायकेला, 06 मार्च : सरायकेला खरसावां जिले के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता से जुड़ी योजनाएं ग्रामीणों के स्वास्थ्य, सम्मानजनक जीवन एवं स्वच्छ वातावरण से सीधे जुड़ी हैं। इसलिए इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी व परिणाममुखी ढंग से सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना से छूटे सभी घरों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजना से जोड़ा जाए, ताकि हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
संभावित गर्मी को देखते हुए उपायुक्त ने सभी बंद पड़े जलमीनार, नलकूप, चापाकल व पेयजल आपूर्ति से संबंधित संरचनाओं को शीघ्र दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पेयजल से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त ने जल जीवन मिशन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता तथा विभिन्न प्रखंडों से प्राप्त फील्ड निरीक्षण प्रतिवेदनों का अवलोकन किया।
बैठक में विभिन्न प्रखंडों में संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण करने तथा पूर्ण योजनाओं का हस्तांतरण ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) को करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय एवं पेयजल से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।
इस दौरान 8 से 22 मार्च तक आयोजित होने वाले “जल महोत्सव पखवाड़ा” के तहत होने वाली गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी व विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारी उपस्थित थे।



