ढाई साल बाद लौटी रौशनी, लेकिन चौका–कांड्रा टोल रोड की बदहाली जस की तस

चांडिल, 01 अक्टूबर : कभी अंधेरे में डूबी रहने वाली चौका–कांड्रा टोल रोड की स्ट्रीट लाइटें आखिरकार ढाई साल बाद फिर से चमक उठीं। लाखों रुपये खर्च कर लगाई गई इन लाइटों ने राहगीरों को थोड़ी राहत तो दी है, लेकिन सड़क की दुर्दशा अब भी वहीं की वहीं है। सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट तो जल रही है, लेकिन, चौका मोड़ में लगी हाई मास्क लाइट को अबतक नहीं जलाया गया है। लाइटें भले जलने लगी हों, लेकिन सड़क पर बने अनगिनत गड्ढे यात्रियों के लिए अब भी सिरदर्द बने हुए हैं। इस मार्ग पर बारिश और भारी वाहनों के दबाव से जगह-जगह उखड़ चुका है।
खबर का असर
सफेद हाथी साबित हो रही चौका-कांड्रा सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट और सड़क की दुर्दशा से संबंधित खबर मानभूम अपडेट्स में बीते शुक्रवार को प्रकाशित किया गया था। दुर्गोत्सव के मद्देनजर जिले के उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने खराब सड़कों की मरम्मति और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को जलाने की दिशा में निर्देश दिया गया था। दुर्गा पूजा महोत्सव शुरू होने के बाद भी निर्देश के बावजूद लाइट नहीं जलाए जाने को लेकर खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया गय था। खबर प्रकाशन के चार दिन के बाद भी लाइट जलने लगी।
एनएच का हाल वही
सिर्फ चौका-कांड्रा टोल रोड ही नहीं, बल्कि टाटा–रांची नेशनल हाईवे (टोल रोड़) पर भी चौका में लगाए गए आधी स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। सर्विस लेन के पास अंधेरा रहने के कारण तो कई बार गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद सुरक्षा उपायों की कोई ठोस पहल नहीं की गई है। उपायुक्त के निर्देश के बावजूद चौका–कांड्रा मार्ग की स्थिति अब भी बदहाल है। वहीं टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब भी आधी लाइट बंद रहती है।



