चांडिल–कांड्रा मार्ग बना मौत का रास्ता! ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मंत्री और विधायक के खिलाफ पुतला दहन

चांडिल, 12 नवंबर : चांडिल–कांड्रा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा आखिर फूट पड़ा। बामनडीह हरि मंदिर से कटिया तक सैकड़ों ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और पथ निर्माण मंत्री का पुतला दहन कर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन का नेतृत्व आशुदेव महतो ने किया, जिसमें सृष्टिधर महतो, मनोरंजन कुम्भकार, मनोज वर्मा, ज्योतिलाल महाली, भुजंग मछुआ, धीरेंद्र गौड़, उदय तंतुवाई, कृष्णा महतो, नित्यानंद लायक समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए।
ग्रामीणों का कहना है कि चांडिल–कांड्रा मुख्य मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। जगह-जगह गड्ढों और कीचड़ में सड़क तब्दील हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही तो प्रभावित हो ही रही है, साथ ही रोजाना राहगीर और स्कूली बच्चे हादसों का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से सड़क की दुर्दशा पर किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी की नज़र नहीं है।
विधायक पर छलावे का आरोप
ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक पर भी कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विधायक ने कुछ महीने पहले प्रेस के माध्यम से यह घोषणा की थी कि शीघ्र ही सड़क की मरम्मत कार्य शुरू होगा, लेकिन वह वादा अब तक कागज़ों तक ही सीमित है। “विधायक और मंत्री दोनों सिर्फ बयानबाजी में व्यस्त हैं, ज़मीन पर काम शून्य है,” ग्रामीणों ने आरोप लगाया।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, दिया सात दिन का अल्टीमेटम
कुछ सप्ताह पहले ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (AIKKMS) ने इस जर्जर सड़क की मरम्मती को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) चांडिल को ज्ञापन सौंपा था। BDO ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, परंतु सात दिन का समय बीत जाने के बाद भी न तो गड्ढों की मरम्मत हुई, न ही सड़क पर पानी का छिड़काव।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र ही सड़क की मरम्मती का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे और सड़क जाम करने को बाध्य होंगे। “अब की बार सिर्फ चेतावनी नहीं, निर्णायक आंदोलन होगा,” ग्रामीणों ने कहा।
सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता से बढ़ा जनाक्रोश
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस मार्ग से रोजाना जनप्रतिनिधि और अधिकारी गुजरते हैं, बावजूद इसके सड़क की स्थिति पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। “सरकार जनता के कष्ट से बेपरवाह है। हम अब सड़क पर उतर चुके हैं, और अपनी मांग पूरी होने तक पीछे नहीं हटेंगे।



