होटल 10th Mile Stone गोलीकांड : अपराधियों और जमीन दलालों पर हो कड़ी कार्रवाई, एसपी दें अधिकारियों को खुली छूट
चांडिल, 25 अगस्त : चांडिल थाना क्षेत्र के आसनबनी स्थित होटल 10th Mile Stone में सोमवार को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी और जमशेदपुर के कारोबारी निखार सबलोक की हत्या के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सरायकेला-खरसावां के एसपी मनोज स्वर्गियारी स्वयं घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच की कमान संभाली। एसपी ने घटना की तह तक पहुंचने के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन भी किया है।
सूत्रों के अनुसार, विशेष पुलिस टीम ने पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के बड़सोल से दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं और संभावित आरोपियों के बीच कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हत्या के पीछे कौन लोग हैं और वारदात का वास्तविक कारण क्या है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस गहन जांच कर रही है।
फिलहाल घटना को जमीन कारोबार और लेवी से जोड़कर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस की आधिकारिक जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अपराधियों पर हो सख्त कार्रवाई
दिनदहाड़े हुई हत्या की घटना ने चांडिल अनुमंडल में कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमशेदपुर से सटे चांडिल क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों और कथित जमीन कारोबार से जुड़े विवादों की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
लोगों की मांग है कि एसपी मनोज स्वर्गियारी अपराधियों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। साथ ही, जांच और कार्रवाई के दौरान अधीनस्थ पुलिस अधिकारियों को पर्याप्त स्वतंत्रता दी जाए, ताकि वे बिना किसी दबाव के निष्पक्ष कार्रवाई कर सकें।
जमीन कारोबार से जुड़े विवादों से परेशान आदिवासी-मूलवासी
चांडिल अनुमंडल के कई इलाकों में जमीन की खरीद-बिक्री और जमीन विवाद लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। फदलोगोड़ा, आसनबनी, बिरिगोड़ा, रामगढ़, कांदरबेड़ा, कामारगोड़ा, डोबो और पुड़ीसिली जैसे क्षेत्रों में जमीन कारोबार को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ मामलों में जमीन के दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी, फर्जीवाड़े और दबाव बनाकर जमीन पर कब्जे की कोशिश की जाती है। लोगों का कहना है कि जब ऐसे विवादों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग शामिल हो जाते हैं, तो गरीब और कमजोर परिवारों पर डराने-धमकाने का दबाव बढ़ जाता है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रत्येक मामले में पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अब क्षेत्र के लोगों की निगाह एसपी की कार्रवाई पर टिकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि होटल गोलीकांड की निष्पक्ष और त्वरित जांच के साथ-साथ यदि जमीन कारोबार की आड़ में आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो उनके खिलाफ भी कानून के दायरे में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों को उम्मीद है कि पुलिस की सख्ती से क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगेगा और आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होगा।



