बिना प्रमाण पत्र के मरीजों का इलाज करते पाए गए क्लीनिक संचालक, जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से किया सील

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बिना प्रमाण पत्र के मरीजों का इलाज करते पाए गए क्लीनिक संचालक, जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से किया सील

खूंटी, 19 नवंबर : क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट से संबंधित बैठक में दिए गए सख्त निर्देशों के आलोक में कर्रा प्रखंड के बिरदा गांव स्थित अमन नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के अंतर्गत निर्धारित सभी मानकों की विस्तृत जांच की गई। जांच के दौरान क्लीनिक में सिजेरियन डिलीवरी केस समेत कुल 5 मरीज इलाजरत पाए गए।

मरीजों का उपचार क्लीनिक संचालक शाहिद अहमद द्वारा किया जा रहा था, जो स्वयं को चिकित्सक बताते पाए गए। पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि उनके पास कोई डिग्री या मान्य प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था, जो गंभीर अनियमितता है। साथ ही क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन डॉ. महानंद सिंह ( डॉ एमएन सिंह) के नाम पर पाया गया, जो मौके पर अनुपस्थित थे। क्लीनिक में कार्यरत एएनएम का प्रमाण पत्र भी संतोषजनक नही पाया गया।

दस्तावेजों और जानकारी की मांग किए जाने पर संचालक द्वारा कोई संतोषजनक उत्तर या कागजात प्रस्तुत नहीं किए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा कर्रा अंचल अधिकारी की सहायता से अमन नर्सिंग होम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहीं, क्लीनिक में भर्ती मरीजों को एंबुलेंस की सहायता से सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका बेहतर इलाज सुनिश्चित की जा सके।

उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिला में बिना वैध रजिस्ट्रेशन, प्रमाण–पत्र या आवश्यक स्वीकृति के किसी भी प्रकार का क्लीनिक, नर्सिंग होम या अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित करते पाए जाने पर संबंधित संचालक, संस्थान एवं संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं है।

प्रशासनिक टीम द्वारा नियमित रूप से औचक निरीक्षण जारी रहेगा और नियम विरुद्ध कार्य करने वालों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। छापेमारी में अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी डॉ. शिशिर कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. नागेश्वर मांझी एवं टीम तथा कर्रा थाना पुलिस शामिल थे।

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