गुरु अचिंत कुमार आचार्य को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, कलाकारों ने उनकी कला-साधना को किया याद
सरायकेला, 16 सितंबर : राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र, सरायकेला में सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन एवं कलाकारों के समूह की ओर से छऊ नृत्य के महान साधक एवं सम्मानित गुरु स्वर्गीय अचिंत कुमार आचार्य को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। श्रद्धांजलि सभा में छऊ जगत से जुड़े गुरुजन, कलाकार, विद्यार्थी एवं कला प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय गुरु अचिंत कुमार आचार्य के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि एवं पुष्पांजलि से हुई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और सरायकेला छऊ नृत्य की परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन में उनके योगदान को याद किया।
नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष सह सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के संरक्षक मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि गुरु अचिंत कुमार आचार्य का जीवन कला के प्रति साधना, अनुशासन और समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने कलाकारों को नृत्य की तकनीक के साथ कला के प्रति सम्मान, संस्कार और अनुशासन की सीख दी।
गुरु मलय साहू ने कहा कि अचिंत कुमार आचार्य ने पूरी निष्ठा के साथ छऊ की परंपरा को आगे बढ़ाया। वहीं, पूर्व निदेशक गुरु तपन पटनायक ने उनके जीवन को छऊ साधना, शिक्षण और अनुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
मुखौटा गुरु सुशांत महापात्र ने उनके सरल व्यक्तित्व और कला के प्रति समर्पण को स्मरण किया। संगीत गुरु नाथू महतो ने कहा कि उन्होंने कलाकारों को कला के साथ संस्कार और अनुशासन का महत्व समझाया। रूपेश साहू, राजतेंदु रथ और सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष भोला मोहंती ने भी उनके योगदान और कलात्मक विरासत को याद करते हुए युवा कलाकारों से उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
वक्ताओं ने कहा कि किसी महान गुरु को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब उनकी कला-साधना, आदर्श और शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मौके पर एसोसिएशन के सचिव सुदीप कवि, तरुण भोल, निबारण महतो, काली प्रसन्न सरंगी, गोपाल पटनायक, आशीष कर, पारस पाथाल, बरुन साहू, गोविंदु दास, शिव चरण साहू, मुन्नालाल महाराणा, गंभीर सिंह, राजेश गोप, लिटिल मोहंती, गुरु स्वीटी पटनायक, गुरु राजतेंदु रथ, गणेश परीछा, नीरज पटनायक समेत बड़ी संख्या में गुरुजन, कलाकार, विद्यार्थी एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने सरायकेला छऊ की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।



