राजधानी में आजसू छात्र संघ का जनाक्रोश विस्फोट, छात्रवृत्ति भुगतान में देरी के खिलाफ हजारों छात्रों का सड़कों पर प्रदर्शन

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राजधानी में आजसू छात्र संघ का जनाक्रोश विस्फोट, छात्रवृत्ति भुगतान में देरी के खिलाफ हजारों छात्रों का सड़कों पर प्रदर्शन

रांची, 27 नवंबर : लंबित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति भुगतान को लेकर गुरुवार को राजधानी की सड़कों पर आजसू छात्र संघ का जनाक्रोश उमड़ पड़ा। “शिक्षा के लिए भिक्षा : जनाक्रोश मार्च” में विभिन्न जिलों से आए हजारों छात्रों ने बापू वाटिका, मोराबादी से राजभवन मार्च शुरू किया। मछलीघर के पास पुलिस ने मार्च को रोककर रूट डायवर्ट किया, जिसके बाद भीड़ रातू रोड से दोबारा राजभवन की ओर बढ़ी। फ्लाईओवर के पास पुलिस ने पुनः घेरा तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आजसू नेताओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई।

तनाव बढ़ता देख आजसू कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। अंततः प्रशासन ने प्रतिनिधिमंडल को ज्ञापन देने की अनुमति दी। राज्यपाल की अनुपस्थिति में आजसू छात्र नेताओं ने राजभवन कार्यालय को लंबित छात्रवृत्ति के त्वरित भुगतान तथा e-Kalyan पोर्टल पर लंबित आवेदनों की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग सौंपी।

मार्च में राँची, लोहरदगा, गुमला, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह सहित कई जिलों के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों से आई छात्र-छात्राओं की भारी भागीदारी दिखी। छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही ने लाखों विद्यार्थियों का अकादमिक वर्ष संकट में डाल दिया है।

प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि यह आंदोलन किसी दल का नहीं, बल्कि हर उस छात्र की आवाज है जो अपने अधिकार के लिए लड़ रहा है। कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने चेतावनी दी कि जब तक सभी छात्रों को पूर्ण छात्रवृत्ति नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष ऋतुराज शाहदेव ने कहा कि छात्रवृत्ति दया नहीं, अधिकार है और इसे रोकना शिक्षा के साथ अन्याय है।

जनाक्रोश मार्च में कई छात्र नेताओं—देवा महतो, सत्यम सिंह, अमित सोनी, सक्षम झा, रवि रोशन आदि की सक्रिय भूमिका रही।

आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव संजय मेहता ने आंदोलन को सफल बताते हुए कहा कि सरकार छात्रों की आवाज़ पर ध्यान दे। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों की छात्रवृत्ति पेंडिंग रखना युवाओं को शिक्षा से वंचित करने जैसा है, जबकि सरकार इवेंट और विज्ञापनों पर करोड़ों खर्च कर रही है।

छात्र नेताओं ने स्पष्ट कहा कि जब तक छात्रवृत्ति भुगतान नहीं होता, संघर्ष जारी रहेगा।

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