दलमा में वन विभाग की लकड़ी से निर्मित दुकानों और पर्यटकों की सुविधा पर उठे सवाल
चांडिल/बोड़ाम, 15 सितंबर : बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत दलमा शिव मंदिर परिसर में वन क्षेत्र में गांव गणराज्य लोक समिति कोल्हान संगठन की ओर से जन जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान संगठन संयोजक बृहस्पति सिंह सरदार, चांडिल प्रखंड अध्यक्ष बलराम सिंह और प्रखंड कमिटी सदस्य शंकर सिंह ने दलमा क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण किया और ग्रामीणों से जनसमस्याओं की जानकारी ली।
अभियान के दौरान दलमा हिल टॉप क्षेत्र में वन विभाग द्वारा बनाए गए लकड़ी के दुकानों की स्थिति का जायजा लिया गया। संगठन के सदस्यों का कहना है कि निर्माण के करीब दो वर्ष के भीतर ही दुकान जर्जर होकर बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दुकान का निर्माण तो किया गया, लेकिन इसका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने दुकान संचालन, जमीन के किराये और ग्राहकों के पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए।
ग्रामीणों ने बताया कि पिंडराबेड़ा तक रास्ते की स्थिति अपेक्षाकृत ठीक है, लेकिन दलमा बूढ़ा बाबा थान तक छोटे चारपहिया वाहनों से पहुंचने में परेशानी होती है। खराब रास्ते के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
संगठन ने यह सवाल भी उठाया कि यदि पर्यटकों के लिए भोजन, पेय पदार्थ और पूजा सामग्री जैसी सुविधाएं मुख्य रूप से नीचे माकुलाकोचा क्षेत्र में ही उपलब्ध कराई जा रही हैं, तो करीब 18 किलोमीटर दूर दुकान बनाने का उद्देश्य क्या है। संगठन ने सरकारी राशि के उपयोग और वन क्षेत्र में विकास कार्यों की उपयोगिता पर भी सवाल उठाए।
अभियान के दौरान वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन के सदस्यों ने कहा कि दलमा क्षेत्र में बंदरों को प्राकृतिक भोजन की कमी के कारण पर्यटकों और राहगीरों पर निर्भर होते देखा जा रहा है। कुछ समाजसेवियों द्वारा बंदरों को फल और अन्य खाद्य सामग्री खिलाने की बात भी सामने आई। संगठन ने इसे वन्यजीव संरक्षण की मौजूदा व्यवस्था के संदर्भ में विचारणीय विषय बताया।
इधर, गांव गणराज्य प्रखंड कमिटी के गठन को लेकर 20 सितंबर को बोड़ाम प्रखंड के पहाड़पुर पंचायत में बैठक आयोजित करने की जानकारी दी गई। बैठक में विभिन्न पंचायतों के ग्रामसभा पदाधिकारियों, पारंपरिक प्रतिनिधियों और सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। कमिटी में अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं सदस्यों का चयन किया जाना प्रस्तावित है। संगठन के अनुसार इसका उद्देश्य ग्रामसभा सशक्तीकरण और वन अधिकार कानून, 2006 सहित संबंधित कानूनों के क्रियान्वयन में सहयोग करना है।
जन जागरूकता अभियान में पहाड़पुर पंचायत के मुखिया अजब सिंह, मंटू सिंह, शंकर सिंह, बलराम सिंह, आटा बाबा और कांचान सिंह समेत अन्य लोग शामिल रहे।



