ईचागढ़ में नकली चौकीदार कांड: मौत के बाद बेनकाब हुई पुलिस, कितने और नकली चौकीदार कर रहे ड्यूटी?

ईचागढ़, 30 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत एक बार फिर बेनकाब हो गई है। शुक्रवार को एनएच-33 स्थित नागासेरेंग में सड़क हादसे में मारे गए गौरांगकोचा निवासी नारायण गोराई की पहचान नकली चौकीदार के रूप में हुई है। मौत ने इस गोरखधंधे की परतें खोल दी हैं और ईचागढ़ पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, नारायण गोराई न केवल वीवीआईपी सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था, बल्कि हमेशा खाकी वर्दी पहनकर पुलिसकर्मी की तरह काम करता रहा। आश्चर्य की बात यह है कि यह सबकुछ ईचागढ़ थाना प्रभारी की सीधी जानकारी और आदेश पर होता रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नारायण सरकारी कागजात लोगों तक पहुंचाने से लेकर अवैध कारोबारियों से वसूली तक करता था। जहां तहां बालू लदे वाहनों को रोककर जांच भी करता था और ईचागढ़ पुलिस को सूचना देता था।
अब बड़ा सवाल यह है कि –
मृतक नारायण गोराई की तरह और कितने नकली चौकीदार ईचागढ़ में पुलिस की ड्यूटी कर रहे हैं? थाना प्रभारी की मौन स्वीकृति के बिना यह सब कैसे संभव था?
वरीय अधिकारियों को जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
ग्रामीणों का आरोप है कि यह खेल वर्षों से चलता आ रहा है और ईचागढ़ पुलिस ने इसे संरक्षण दिया है। अब जनता जानना चाहती है कि नकली चौकीदारों का यह नेटवर्क कब तक जारी रहेगा और आखिरकार जिम्मेदारों पर कब कार्रवाई होगी।
स्पष्ट है – ईचागढ़ में नकली चौकीदार की मौत ने पुलिस की साख पर बड़ा धब्बा लगा दिया है।



