

कौशल प्रशिक्षण के बाद रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ेंगे स्थानीय युवा – डीसी ने दिया बड़ा आदेश
सरायकेला, 19 अगस्त : स्थानीय युवाओं को औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण केंद्रों, श्रमिक पंजीकरण, प्लेसमेंट, रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।


उपायुक्त ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण के बाद उन्हें उनकी योग्यता और उपलब्ध रोजगार अवसरों के अनुरूप रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के संस्थानों में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ट्रेडवार प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही औद्योगिक संस्थानों की ओर से पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाने वाली रिक्तियों की नियमित निगरानी करते हुए स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं के प्लेसमेंट की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।


बैठक में जिले के 13 प्रशिक्षण केंद्रों और प्रखंड स्तर पर संचालित नौ प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और नियमितता बनाए रखने के साथ प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थियों की ट्रैकिंग कर उन्हें रोजगार से जोड़ने की स्पष्ट कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। पात्र युवाओं को सरकारी कल्याणकारी और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ दिलाने पर भी जोर दिया गया।

काशी साहू कॉलेज, सरायकेला में प्रस्तावित स्किल पार्क की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बॉयज एवं गर्ल्स हॉस्टल, आईटी लैब, कक्षा-कक्ष और सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक कार्य विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप जल्द पूरा करने को कहा। वहीं राजनगर और खरसावां प्रखंड में सिलाई मशीन प्रशिक्षण जल्द शुरू करने तथा प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया।





PNB RSETI के प्रशिक्षण प्राप्त ऐसे अभ्यर्थियों को भी चिह्नित करने का निर्देश दिया गया, जो अभी तक रोजगार या स्वरोजगार से नहीं जुड़ पाए हैं। ऐसे अभ्यर्थियों से संपर्क कर काउंसलिंग, मार्गदर्शन और इच्छुक अभ्यर्थियों का बैंक लिंकेज सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि वे वित्तीय सहायता लेकर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।
उपायुक्त ने श्रमिक पंजीकरण के लिए विशेष कैंप लगाने तथा छूटे हुए पात्र श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही रोजगार, स्वरोजगार और कल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया।
नियोजन कार्यालय की समीक्षा के दौरान जिला नियोजन पदाधिकारी को जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय कर कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए विशेषज्ञों के माध्यम से करियर एवं रोजगार काउंसलिंग आयोजित कराने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा नियमित रोजगार मेलों का आयोजन करने तथा मेला से पहले स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने कहा कि कौशलयुक्त मानव संसाधन जिले के सतत विकास की महत्वपूर्ण आधारशिला है। प्रशिक्षण, प्लेसमेंट और स्वरोजगार की पूरी प्रक्रिया को परिणामोन्मुखी बनाते हुए अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जानी चाहिए।
बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर, जिला नियोजन पदाधिकारी, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित विभागों के पदाधिकारी और विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

























