पेट्रोल 102 के पार, डीजल 98 की ओर… जमशेदपुर से गांव तक महंगाई की मार, लोगों ने कहा – “अब गाड़ी चलाना भी मुश्किल”
जमशेदपुर/चांडिल, 23 मई : सुबह जैसे ही पेट्रोल पंपों पर नई दरों की सूची लगी, शहर से लेकर गांव तक लोगों की चिंता बढ़ गई। लगातार तीसरी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने आम लोगों का बजट पूरी तरह बिगाड़ना शुरू कर दिया है। शनिवार को पेट्रोल करीब 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। झारखंड में पेट्रोल 102 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जबकि डीजल भी तेजी से 98 रुपये के करीब पहुंच रहा है।
जमशेदपुर के मानगो, साकची, कदमा बिष्टुपुर और आदित्यपुर, चांडिल, घाटशिला के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहन चालकों के बीच महंगाई को लेकर चर्चा होती रही। कई लोगों ने कहा कि अब रोज गाड़ी निकालने से पहले भी सोचना पड़ रहा है। खासकर नौकरीपेशा और छोटे कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई है।
मानगो के एक ऑटो चालक मोहम्मद शकील ने कहा कि पहले दिनभर में 300 से 400 रुपये का तेल लगता था, अब वही खर्च 500 रुपये के पार पहुंचने लगा है। किराया बढ़ाने पर यात्री नाराज होते हैं और नहीं बढ़ाएं तो घर चलाना मुश्किल हो रहा है। वहीं आदित्यपुर के एक डिलीवरी बॉय ने बताया कि पेट्रोल महंगा होने से उनकी रोज की बचत खत्म हो रही है।
महंगाई का असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है। सरायकेला-खरसावां, नीमडीह, चांडिल और पटमदा जैसे ग्रामीण इलाकों में भी किसान और छोटे व्यापारी परेशान हैं। गांवों में ट्रैक्टर, पंपसेट और मालवाहक गाड़ियों का खर्च बढ़ने से खेती और परिवहन दोनों महंगे हो रहे हैं। नीमडीह के एक किसान ने कहा कि डीजल महंगा होने से खेत की जुताई से लेकर सिंचाई तक हर काम का खर्च बढ़ गया है। इसका सीधा असर फसल की लागत पर पड़ेगा।
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो जल्द ही किराया और माल ढुलाई शुल्क बढ़ाना पड़ेगा। इसका असर सब्जियों, राशन, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देगा। शहर के बाजारों में पहले से ही सब्जियों और खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने लगे हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक अमेरिका-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। इसका असर सीधे भारत के तेल बाजार पर पड़ रहा है। सरकारी तेल कंपनियां लगातार कीमतों में संशोधन कर रही हैं।
लोगों का कहना है कि अगर पेट्रोल-डीजल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले दिनों में आम आदमी के लिए घर का बजट संभालना और मुश्किल हो जाएगा। शहर में नौकरी करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों से लेकर गांव के किसानों तक, हर कोई अब महंगाई की इस नई मार से परेशान नजर आ रहा है।