जमशेदपुर : जिला समन्वय समिति की बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आधारभूत संरचना योजनाओं की हुई समीक्षा

जमशेदपुर, 23 अगस्त : समाहरणालय सभागार में शनिवार को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य तभी सफल होगा जब अंतिम व्यक्ति तक उसका लाभ पहुंचे। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने और समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूर्ण करने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त ने बीडीओ को 15 सितंबर से पहले जिले के चार एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में कक्षाएं शुरू कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि बीडीओ स्थल निरीक्षण कर कमियों को दूर करें और यह सुनिश्चित करें कि कक्षाएं समय पर आरंभ हो सकें। साथ ही सरना/मसना/जाहेरस्थान और कब्रिस्तान निर्माण के लिए लंबित भूमि हस्तांतरण को लेकर अंचल अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनजातीय समूहों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में बच्चों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने 2 अक्टूबर से पहले धरती आबा जनजातीय ग्रामीण उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना से जुड़ी सभी स्वीकृत योजनाओं को पूरा करने का आदेश दिया।
बैठक में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का हेल्थ कार्ड बनाकर नियमित स्वास्थ्य जांच की जाए। जिले के 12,373 बच्चों के बैंक खाते अब तक नहीं खुले हैं, जिसे एलडीएम और शिक्षा विभाग के समन्वय से कैम्प मोड में खोलने का निर्देश दिया गया। साथ ही 30 सितंबर से पहले 15 गैर-विद्युतीकृत विद्यालयों में बिजली आपूर्ति और दो दुर्गम विद्यालयों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की बात कही गई। 15 विद्यालयों में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी त्वरित कदम उठाने का आदेश दिया गया।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण और उनकी बुनियादी सुविधाओं पर भी उपायुक्त ने बल दिया। उन्होंने सभी सीओ को एक सप्ताह के भीतर जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। वहीं, सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, पानी और पहुंच पथ की समीक्षा करने को कहा।
महिला और शिशु स्वास्थ्य को लेकर उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में पंजीकरण और एएनसी जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने एमसीपी कार्ड (जच्चा-बच्चा कार्ड) को अपडेट रखने और शिशु मृत्यु दर को शून्य करने का लक्ष्य निर्धारित किया। कुपोषण उपचार केंद्र, बहरागोड़ा में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने और SAM बच्चों को भर्ती कराने पर भी जोर दिया गया।
इसके अलावा पेंशन योजनाओं, आधार सीडिंग, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाओं, पशु शेड स्वीकृति, श्रमिकों के निबंधन और बैंक खातों से ऋण की जबरन वसूली रोकने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल समेत सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ और तकनीकी विभागों के अभियंता मौजूद रहे।



