सीआरपीएफ की गाड़ी खाई में गिरी, तीन जवानों की मौत, 12 जख्मी, बचाव कार्य जारी

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सीआरपीएफ की गाड़ी खाई में गिरी, तीन जवानों की मौत, 12 जख्मी, बचाव कार्य जारी

मानभूम अपडेट्स, डेस्क,7 अगस्त : जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के संवेदनशील बसंतगढ़ क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां गश्ती ड्यूटी पर निकली केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की एक बंकर गाड़ी खाई में गिर गई। इस दुर्घटना में तीन जवानों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य घायल हुए हैं। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा बलों के साथ-साथ आम नागरिकों में भी शोक की लहर दौड़ गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना उस समय हुई जब सीआरपीएफ का दल गश्ती के लिए पहाड़ी मार्ग से गुजर रहा था। बताया जा रहा है कि पहाड़ों के संकरे और फिसलन भरे रास्ते पर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया, जिससे गाड़ी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दो जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे जवान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। खाई से घायलों को निकालने के लिए बचाव दल को भारी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि ढलान तीखी थी और मौसम भी रेस्क्यू में बाधा बन रहा था। सभी 15 घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 5 की हालत गंभीर बनी हुई है।

बसंतगढ़ का इलाका जम्मू-कश्मीर के उन हिस्सों में शामिल है, जहां सुरक्षा कारणों से जवानों की लगातार तैनाती रहती है। सीआरपीएफ द्वारा उपयोग में लाई जाने वाली बंकर गाड़ियां आमतौर पर आतंक प्रभावित क्षेत्रों में जवानों की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रयोग की जाती हैं। ऐसे में इस प्रकार की दुर्घटना ने सुरक्षा मानकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच का दायरा काफी व्यापक है, जिसमें ड्राइवर की लापरवाही, मौसम की स्थिति, वाहन की तकनीकी खराबी और सड़क की हालत जैसे तमाम संभावित कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हादसे के असली कारणों का जल्द पता लगाकर ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

सीआरपीएफ की ओर से मृत जवानों को श्रद्धांजलि दी गई है और उनके परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है। बल की ओर से कहा गया कि देश की सेवा में तैनात जवानों की यह शहादत कभी भुलाई नहीं जाएगी।

यह हादसा केवल एक ट्रैफिक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों की कठिन परिस्थितियों को उजागर करने वाला एक गंभीर संकेत है। पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में जवानों की आवाजाही, उनके प्रशिक्षण, बंकर वाहनों की गुणवत्ता और मौसम के खतरों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किए जाने की आवश्यकता है। ताकि भविष्य में इस तरह की हृदयविदारक घटनाओं को रोका जा सके।

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