शिबू सोरेन के निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जताया शोक, बताया अपूरणीय क्षति

झारखंड की राजनीति में शिबू सोरेन का योगदान अविस्मरणीय: नीतीश कुमार
डेस्क, मानभूम अपडेट्स,4 अगस्त : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक सदस्य दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन जी का जाना एक अपूरणीय क्षति है, न केवल झारखंड के लिए बल्कि पूरे देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक संदेश में कहा, “झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन जी का निधन दुःखद है। वे एक प्रख्यात जननेता थे। उन्होंने आदिवासी समाज, गरीबों और वंचितों की आवाज को देश की राजनीति में मजबूती से उठाया। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और झारखंड की राजनीति को नई दिशा दी। उनके निधन से जो स्थान रिक्त हुआ है, उसकी भरपाई असंभव है।”
उन्होंने आगे कहा, “ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को चिर-शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों एवं प्रशंसकों को यह वज्र समान पीड़ा सहने की शक्ति दें।”
झारखंड की राजनीति के स्तंभ थे शिबू सोरेन
दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। उन्होंने झारखंड आंदोलन को सशक्त नेतृत्व प्रदान किया और झामुमो को एक जनांदोलन का रूप दिया। वे तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे और झारखंड निर्माण आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई।
वे झारखंड के दुमका लोकसभा क्षेत्र से कई बार सांसद भी रहे और केंद्र सरकार में कोयला मंत्री के तौर पर भी कार्य कर चुके थे। वर्तमान में वे झामुमो के संस्थापक संरक्षक और राज्यसभा सांसद के रूप में सक्रिय थे।
शिबू सोरेन के निधन से झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पूरे राज्य में शोक की लहर है। राजनीतिक, सामाजिक और जनजातीय संगठनों ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी है।
उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष, जनसेवा और आदिवासी अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है। वे झारखंड की आत्मा कहे जाते थे और ‘दिशोम गुरु’ के नाम से प्रसिद्ध थे।
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