अवैध बालू परिवहन पर जिला प्रशासन का बड़ा प्रहार, दो हाइवा जब्त — बालू कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा?

सरायकेला, 18 जुलाई : जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने एक और कड़ा कदम उठाया है। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर शुक्रवार की देर शाम जिला खनन विभाग की टीम ने कांड्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत चौका–कांड्रा रोड स्थित कांड्रा बाजार में औचक जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान अवैध रूप से बालू का परिवहन कर रहे दो हाइवा वाहनों को जब्त किया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए वाहनों के खिलाफ कांड्रा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। खनन विभाग की इस कार्रवाई को बालू माफियाओं के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो के समर्थन में आई कार्रवाई?
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो लगातार अवैध बालू कारोबार के खिलाफ मुखर रही हैं। उन्होंने ना सिर्फ कई मंचों पर इस मुद्दे को उठाया, बल्कि हाल ही में ग्रामीणों के सहयोग से नीमडीह थाना क्षेत्र में बालू लदे दो हाइवा वाहनों को भी जब्त कराया था। इसके बाद से ही उन्हें धमकियां मिलने की खबरें सामने आई थीं, जिसको लेकर उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी जान को खतरा बताया था।
खनन विभाग की ताजा कार्रवाई को इसी संघर्ष की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि जिला प्रशासन अब बालू माफियाओं के खिलाफ एक्शन मोड में आ चुका है।
प्रशासन की दो टूक— अवैध खनन बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध जिले में लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस दिशा में औचक निरीक्षण अभियान तेज किए गए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला प्रशासन और बालू माफियाओं के बीच शुरू हुई यह कार्रवाई अब एक निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ती दिख रही है। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो के नेतृत्व में शुरू हुई यह लड़ाई अब प्रशासनिक ताकत के समर्थन से और भी असरदार होती दिख रही है। सवाल यह है कि आने वाले दिनों में इस अभियान की तीव्रता क्या रंग लाएगी और क्या बालू माफियाओं की जड़ें सच में हिलेंगी?



