DMFT की नियुक्ति सूची में बाहरी उम्मीदवारों का वर्चस्व, झारखंडी युवाओं में नाराजगी

सरायकेला। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) सरायकेला-खरसावां द्वारा रिसर्च एसोसिएट के दो पदों के लिए जारी शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों की सूची को लेकर असंतोष का माहौल बनता दिख रहा है। 4 जुलाई को जारी इस सूची में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों का नाम शामिल है, जिससे स्थानीय युवाओं में रोष है।
सूची में शामिल कई अभ्यर्थी पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि झारखंड के कई योग्य स्थानीय अभ्यर्थी चयन सूची से बाहर रह गए हैं। इससे नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
स्थानीय युवाओं ने जताई आपत्ति
चयन प्रक्रिया में वंचित रह गए झारखंड के कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि उन्होंने निर्धारित समय पर आवेदन किया, सभी जरूरी योग्यताएं और दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, इसके बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं हो सका। उनका कहना है कि जिला खनिज निधि से संचालित योजनाओं में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी।
न्यायसंगत चयन की उठी मांग
स्थानीय युवाओं और छात्रों का कहना है कि जब कोई पद जिला खनिज न्यास जैसी योजना के तहत निकाला जाता है, जिसका उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्र के निवासियों का विकास करना है, तो उसमें बाहरी उम्मीदवारों का प्रमुखता से चयन होना न केवल असंगत है, बल्कि नीति के मूल उद्देश्य के भी विपरीत है।
प्रशासन से जवाब की उम्मीद
शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों को 8 जुलाई को समाहरणालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्थानीय प्रतिनिधित्व को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देता है।
निष्पक्ष नियुक्ति की उम्मीद
राज्य में बढ़ती बेरोजगारी के बीच स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि ऐसे पदों पर चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी और झारखंड के युवाओं को उनका उचित अवसर मिलेगा। वहीं, प्रशासन से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का वस्तुनिष्ठ जवाब देगा।



