सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग पर प्रशासन सख्त, औद्योगिक कंपनियों को पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश
सरायकेला, 01 सितंबर : जिले में औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के बाहर मुख्य सड़कों व सड़क किनारे भारी एवं छोटे वाहनों की अनधिकृत पार्किंग को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी कार्यालय की ओर से आदेश जारी कर सभी संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों और कंपनियों के प्रबंधन को अपने परिसर के अंदर अथवा निर्धारित पार्किंग स्थल पर पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार सरायकेला-कांड्रा मार्ग पर रामकृष्ण फोर्जिंग्स लिमिटेड (RKFL) के समीप और कांड्रा टोल बूथ के पास, कांड्रा-आदित्यपुर मार्ग पर जियाडा क्षेत्र में, कांड्रा-चौका मार्ग पर अमलगम कंपनी एवं चौका चौक के आसपास वाहनों की अनधिकृत पार्किंग की स्थिति देखी जा रही है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर पाटा टोल एवं आसनबनी के पास, एनएच-18 के चांडिल-पुुरुलिया मार्ग में माटकोचा समेत अन्य स्थानों तथा एनएच-220 पर कुड़ू से छोटानागपुर कॉलेज, हेंसला तक भी वाहनों के सड़क किनारे खड़े रहने की शिकायत है।
आदेश में कहा गया है कि इन स्थानों पर वाहनों की लंबी कतार लगने से यातायात का सुचारु संचालन बाधित होता है और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन को ध्यान में रखते हुए कंपनियों के प्रबंधन को कई निर्देश दिए गए हैं।
इसके तहत कंपनियों को अपने प्रतिष्ठान से संबंधित भारी एवं छोटे वाहनों के लिए परिसर के अंदर या निर्धारित पार्किंग स्थल पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा गया है। मुख्य सड़क अथवा सार्वजनिक आवागमन वाले स्थानों पर वाहनों को अनधिकृत रूप से पार्क नहीं करने देने का निर्देश दिया गया है।
प्रतिष्ठानों में प्रवेश की प्रतीक्षा कर रहे वाहनों को भी मुख्य सड़क पर कतारबद्ध खड़ा नहीं करने तथा इसके लिए वैकल्पिक पार्किंग या होल्डिंग एरिया की व्यवस्था करने को कहा गया है। वाहनों के सुचारु प्रवेश और निकास के लिए आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा कर्मियों या यातायात प्रबंधन कर्मियों की तैनाती करने का भी निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रतिष्ठान के बाहर बार-बार अनधिकृत पार्किंग की स्थिति पाई जाती है अथवा इसके कारण यातायात बाधित होने या सड़क दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान अथवा प्रबंधन की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
आदेश में ट्रांसपोर्टरों की जिम्मेदारी निर्धारित करने पर भी जोर दिया गया है। कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे इस महत्वपूर्ण विषय को गंभीरता से लें और जारी निर्देशों का तत्काल प्रभाव से कड़ाई के साथ अनुपालन सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन ने कहा है कि यह आदेश सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और आम लोगों के सुरक्षित आवागमन के उद्देश्य से जारी किया गया है।



