ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 87.49 प्रतिशत SIR मैपिंग पूर्ण, 38 हजार से अधिक मतदाता अब भी शेष

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ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में 87.49 प्रतिशत SIR मैपिंग पूर्ण, 38 हजार से अधिक मतदाता अब भी शेष

सरायकेला/चांडिल, 15 जून : निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यभर में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की ऑनलाइन मैपिंग का कार्य जारी है। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 14 जून तक झारखंड के 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 2.11 करोड़ मतदाताओं की सफल मैपिंग की जा चुकी है, जो कुल मतदाताओं का 79.73 प्रतिशत है।

ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां 14 जून तक 87.49 प्रतिशत मतदाताओं की ऑनलाइन मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 12 प्रतिशत से अधिक मतदाता अभी भी मैपिंग प्रक्रिया से बाहर हैं। प्रशासन शेष मतदाताओं को अभियान से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है।

चार दिनों में केवल 0.88 प्रतिशत की बढ़ोतरी

अंतिम मतदाता सूची के अनुसार ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में कुल 2 लाख 89 हजार 240 मतदाता हैं। 10 जून तक 2 लाख 50 हजार 500 मतदाताओं की मैपिंग हुई थी, जबकि 38 हजार 740 मतदाता शेष थे। उस समय मैपिंग प्रतिशत 86.61 था। वहीं 14 जून तक यह बढ़कर 87.49 प्रतिशत पहुंचा, अर्थात चार दिनों में केवल 0.88 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

प्रखंडवार मैपिंग की स्थिति

ईचागढ़ प्रखंड में कुल 62,626 मतदाताओं में से 59,589 मतदाताओं की मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 3,037 मतदाता शेष हैं।

कुकड़ू प्रखंड में कुल 41,593 मतदाताओं में से 37,059 मतदाताओं की मैपिंग की गई है और 4,534 मतदाता अभी शेष हैं।

नीमडीह प्रखंड में कुल 59,627 मतदाताओं में से 56,364 मतदाताओं का मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 3,263 मतदाताओं का मैपिंग होना बाकी है।

वहीं चांडिल प्रखंड में सबसे अधिक 1 लाख 25 हजार 394 मतदाता हैं। 10 जून तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 97,488 मतदाताओं की मैपिंग हुई थी, जबकि 27,906 मतदाता मैपिंग प्रक्रिया से बाहर थे। विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक शेष मतदाता चांडिल प्रखंड में ही पाए गए हैं।

कपाली क्षेत्र पर प्रशासन का विशेष फोकस

जानकारी के अनुसार कपाली नगर परिषद क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाताओं की मैपिंग लंबित है। जिला प्रशासन द्वारा इस क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया जा रहा है ताकि कोई भी वास्तविक मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।

फर्जी एवं दोहरे मतदाता पहचान पत्र की आशंका पर चर्चा

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं जिनकी मैपिंग नहीं हो सकी है। इसे लेकर क्षेत्र में फर्जी अथवा दोहरे मतदाता पहचान पत्र की संभावनाओं पर भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि निर्वाचन विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

2003 के बाद तेजी से बढ़ी मतदाताओं की संख्या

क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि वर्ष 2003 के बाद ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके पीछे कपाली नगर परिषद क्षेत्र, तमोलिया और फदलोगोड़ा में विकसित हुई नई आवासीय कॉलोनियां, फ्लैट और आवासीय सोसाइटियों को प्रमुख कारण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले तीन दशकों में कपाली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूमि खरीद-बिक्री हुई है, जिसके कारण बाहर से आकर बसने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है।

SIR की आगामी कार्ययोजना

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 20 से 29 जून तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रिंटिंग कार्य किया जाएगा। इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रह करेंगे। इसी अवधि में मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी किया जाएगा।

05 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। 05 अगस्त से 04 सितंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। 05 अगस्त से 03 अक्टूबर तक इन दावों एवं आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। अंततः 07 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

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