कपाली नगर परिषद पर जनता के साथ ठगी का आरोप, स्लैग की जगह मिट्टी डालने पर भड़के वार्ड पार्षद
चांडिल, 13 जून: सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र में बरसात से पूर्व कच्ची सड़कों के मरम्मत कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। नगर परिषद द्वारा कच्ची सड़कों पर स्लैग डालने की घोषणा के बावजूद कथित रूप से मिट्टी और नाले से निकाले गए कचरे का उपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए वार्ड पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया है।
वार्ड पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद ने पहले आश्वासन दिया था कि टाटा कंपनी से प्राप्त स्लैग का उपयोग कर कच्ची सड़कों को मजबूत बनाया जाएगा, ताकि बरसात के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। लेकिन जमीनी स्तर पर स्लैग की जगह मिट्टी डाली जा रही है, जिससे बरसात में सड़कें कीचड़युक्त हो जाएंगी और आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
वार्ड पार्षद संतोष कुमार महतो ने नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनके वार्ड में स्लैग के स्थान पर मिट्टी डाली गई तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को अपने वादे के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण स्लैग का उपयोग करना चाहिए, न कि ऐसा कार्य करना चाहिए जिससे जनता की परेशानी और बढ़े।
पार्षदों का यह भी आरोप है कि कुछ स्थानों पर नालों की सफाई से निकाले गए कचरे और बदबूदार मिट्टी को कच्ची सड़कों पर डाला जा रहा है। इससे न केवल क्षेत्र में गंदगी बढ़ेगी, बल्कि संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बनी रहेगी।
इस मुद्दे पर वार्ड पार्षद पूजा कुमारी महतो, मोहम्मद इनामुल हक, मोहम्मद एजाज अंसारी एवं मोहम्मद मुमताज अंसारी ने संयुक्त रूप से कहा कि नगर परिषद द्वारा पार्षदों और जनता को स्लैग उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने आरोप लगाया कि नालों से निकाले गए अवशेषों को ही सड़क निर्माण सामग्री के रूप में उपयोग किया जा रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि नगर परिषद ने इस मामले में शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए और कच्ची सड़कों पर निर्धारित मानक के अनुरूप स्लैग नहीं डाला गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि जनता के हितों से समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
वार्ड पार्षदों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि बरसात से पहले सभी कच्ची सड़कों पर गुणवत्तापूर्ण स्लैग डालकर उन्हें दुरुस्त किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं इस मामले को लेकर नगर परिषद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।