
सरायकेला, 28 जून : समाहरणालय सभागार में शुक्रवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लक्ष्यों की प्राप्ति तथा उनके क्रियान्वयन की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग की योजनाएं समाज के वंचित और जरूरतमंद तबकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान छात्रवृत्ति योजनाओं को लेकर विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से वंचित छात्रों की शीघ्र पहचान कर समय पर छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, साइकिल वितरण योजना के तहत लंबित वितरण कार्यों को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सभी योग्य आवेदकों का सत्यापन शीघ्र पूर्ण कर लाभ प्रदान करने को कहा। आदिम जनजाति बिरसा आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने लाभुकों से समन्वय स्थापित कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा बैठक में आदिवासी सांस्कृतिक कला भवन, धूमकुडिया, जाहेर स्थल, मांझी परगना भवन एवं बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण जैसी संरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि जो योजनाएं पूर्णता के निकट हैं, उन्हें अविलंब अंतिम रूप दिया जाए ताकि जनता को उनका लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने कार्य में अनावश्यक देरी करने वाली एजेंसियों के प्रति कठोर रुख अपनाने की बात करते हुए कहा कि कार्य की गुणवत्ता से समझौता करने वाली एजेंसियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
बैठक में उप विकास आयुक्त सह परियोजना निदेशक आईटीडीए सुश्री रीना हसदा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, विभिन्न प्रखंड के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारीगण आदि मौजूद थे।



