वीणा रानी पवन स्मृति सम्मान समारोह में कला, साहित्य और संस्कृति का भव्य संगम

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सहयोग और विद्यादीप फाउंडेशन के संयुक्त आयोजन में साहित्य, संगीत, नृत्य और रंगमंच की छटा बिखरी, कई विभूतियां सम्मानित

जमशेदपुर, 03 अगस्त : : बहुभाषीय साहित्यिक संस्था ‘सहयोग’ एवं ‘विद्यादीप फाउंडेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को कदमा स्थित कूड़ी मोहन्ती ऑडिटोरियम में वीणा रानी पवन स्मृति सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संगीत, नृत्य और रंगमंच का सुंदर समन्वय देखने को मिला। इस अवसर पर समाज, शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विभूतियों को सम्मानित कर दिवंगत शिक्षाविद् एवं साहित्यकार डॉ. वीणा रानी की स्मृतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन तथा मां सरस्वती एवं अम्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद डॉ. पद्मा झा ने सहयोग का गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम का भावपूर्ण आगाज किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला में डी.बी.एम.एस. कॉलेज फॉर एजुकेशन की छात्राओं ने पामेला घोष दत्ता के निर्देशन में पंचतत्व विषय पर प्रभावशाली नृत्य प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति में सुमेधा दत्ता, तृषा सरकार, आकांक्षा दास, मौमिता चक्रवर्ती, सुप्रीति दास एवं अन्वेषा महतो ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। वहीं उपासना सिन्हा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर पूरे सभागार को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।

संस्था की अध्यक्ष डॉ. संध्या सिन्हा ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था के उद्देश्यों और साहित्यिक सरोकारों पर प्रकाश डाला। डॉ. वीणा रानी की शिष्या डॉ. अनिता राकेश ने उनके व्यक्तित्व एवं साहित्यिक योगदान को भावपूर्ण शब्दों में याद किया।

समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को सहयोग निधि सम्मान, साहित्य सृजन सम्मान, वैदुष्यमणि डॉ. वीणा रानी सम्मान तथा डॉ. वीणा रानी प्रभा सम्मान से अलंकृत किया गया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. मीरा मुंडा ने अपने संबोधन में साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्द्धन की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि एवं जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि साहित्य और कला ही समाज की संवेदनशील चेतना को जीवित रखने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर’ की अमर कृति ‘उर्वशी’ पर आधारित नृत्य-नाटिका रही, जिसे जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने प्रभावशाली ढंग से मंचित किया। नाट्य प्रस्तुति की पटकथा एवं परिचय डॉ. रागिनी भूषण ने तैयार किया, संगीत मसूर सिद्दीकी ने दिया, जबकि नाट्य निर्देशन अवतार सिंह एवं नृत्य निर्देशन सुधा दीप ने किया।

नृत्य-नाटिका में निवेदिता महापात्र (उर्वशी), शिवम कुमार सिंह (राजा पुरुरवा), अदिति झा (चित्रलेखा), अर्पिता डे (रानी औशिनरी), श्रुति शर्मा (कंचुकी), आराध्या चंद्र (सुकन्या), समरजीत गुप्ता (आयु) सहित सिमरन झा, चिनापानी तम्मना रेड्डी, मानविका कीर्तिश्री, अनुष्का गुप्ता, परिधि पंडित, आद्या झा, परी महतो एवं अन्वेषा महतो ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।

समारोह के अंत में मुख्य अतिथि सरयू राय, विशिष्ट अतिथि डॉ. मीरा मुंडा, डॉ. अनिता राकेश एवं परिजात सौरभ ने सभी कलाकारों और निर्देशकों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। संस्था की सचिव डॉ. भारती कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

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