डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 38 लाख की ठगी करने वाले तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार, जमशेदपुर से दबोचे गए

रांची/जमशेदपुर, 13 मार्च : झारखंड में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को जमशेदपुर के विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया। इन अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर एक व्यक्ति से 38 लाख रुपये से अधिक की ठगी की थी।
सीआईडी साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह मामला अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड, रांची के साइबर क्राइम थाना में कांड संख्या 24/26, दिनांक 27 फरवरी 2026 को दर्ज किया गया था। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3), 318(4), 319(2), 336(2), 336(3), 338, 340, 615 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 80(B) के तहत दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान सामने आया कि ठगों ने खुद को केंद्रीय प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया। इसके बाद उसे गंभीर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर अलग-अलग बैंक खातों में 38,62,982 रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
शिकायत दर्ज होने के बाद सीआईडी की साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी अनुसंधान और छापेमारी कर जमशेदपुर के अलग-अलग ठिकानों से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और ठगी की राशि के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
सीआईडी ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट या किसी भी एजेंसी के नाम पर फोन या ऑनलाइन माध्यम से पैसे की मांग किए जाने पर तुरंत सतर्क रहें और ऐसी किसी भी घटना की सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में दें।



