सरायकेला–खरसावाँ : जनगणना–2027 के प्रथम चरण के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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सरायकेला–खरसावाँ : जनगणना–2027 के प्रथम चरण के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू


सरायकेला, 12 मार्च : जिला सभागार में भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLD) कार्य के सफल संचालन के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर अपर उपायुक्त जयबर्धन कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी सुरेंदर उरांव, कार्यपालक दंडाधिकारी सरायकेला सतेंद्र महतो, कार्यपालक दंडाधिकारी-सह-जिला सांख्यिकी पदाधिकारी कमलेश कुमार दास, राज्य स्तरीय जनगणना प्रशिक्षक गजेंद्र गुप्ता, उप निदेशक, जिला समन्वयक अर्जुन राम सहित जिले के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को जनगणना आयोजन के उद्देश्य, पर्यवेक्षकों और प्रगणकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश, जनगणना अधिनियम से संबंधित प्रावधान, प्रमुख अवधारणाएँ व परिभाषाएँ, मकानों की नंबरिंग की प्रक्रिया तथा नगरीय क्षेत्रों में मानचित्र (मैप) तैयार करने की विधि की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। साथ ही जनगणना मकान संख्या निर्धारण, अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कार्य के दौरान आने वाली संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल एप्लिकेशन के माध्यम से डेटा संग्रहण की प्रक्रिया की भी जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

प्रशिक्षण में बताया गया कि भारत की जनगणना–2027 इस बार डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी, जिससे आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक होगी।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 से 15 मार्च 2026 तक जिला सभागार में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें करीब 80 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इनमें जिला एवं चार्ज स्तर के जनगणना पदाधिकारी तथा तकनीकी सहायक शामिल हैं।

इस मौके पर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे क्षेत्र में कार्य करते समय आमजन के साथ सहयोगात्मक व्यवहार रखें और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ करें।

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