शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने दिए शैक्षणिक व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

सरायकेला, 12 मार्च : समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, संकुल संसाधन व्यक्ति तथा प्रखंड संसाधन व्यक्ति सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पूर्व बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य स्तर पर जिले की प्रगति बेहतर बनाने के लिए सभी विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके साथ ही विद्यालयों में आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
ई-विद्यावाहिनी पोर्टल के माध्यम से शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी शिक्षकों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कम पाई गई, वहां संबंधित BEEO, BPO, BRP और CRP को विशेष पहल करते हुए उपस्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में पेयजल और शौचालय व्यवस्था को सुदृढ़ करने, स्वच्छता संबंधी सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बच्चों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविरों का रोस्टरवार आयोजन करने को कहा। साथ ही जिन विद्यार्थियों का आधार नामांकन या जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है, उनके दस्तावेज शीघ्र तैयार कराने के निर्देश दिए।
बैठक में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सहित अन्य आवासीय विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं, नामांकन की स्थिति तथा समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत आधारभूत संरचना, निर्माण एवं मरम्मति कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुसार भोजन, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रखंड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करते हुए शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।



