“छोटे शहर की बड़ी उड़ान: दुमका की सुदीपा दत्ता बनीं बेटियों के सपनों की नई पहचान”

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“छोटे शहर की बड़ी उड़ान: दुमका की सुदीपा दत्ता बनीं बेटियों के सपनों की नई पहचान”

 

रांची, 07 मार्च : झारखंड के दुमका की बेटी सुदीपा दत्ता ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में 41वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी यह उपलब्धि खास तौर पर उन बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं।

मूल रूप से दुमका के कुमड़ाबाद की रहने वाली सुदीपा मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता डाकघर में पोस्टमास्टर हैं, जबकि माता पंपा दत्ता गृहिणी हैं। वर्तमान में उनका परिवार एलआईसी कॉलोनी में रहता है। सुदीपा की सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

सुदीपा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जोसेफ स्कूल, बांका से प्राप्त की। इसके बाद सिदो कान्हू हाई स्कूल, दुमका से इंटरमीडिएट और ए.एन. कॉलेज, दुमका से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। खास बात यह है कि उन्होंने बड़े कोचिंग शहरों का रुख नहीं किया, बल्कि दुमका में रहकर ही यूपीएससी की तैयारी की। राजकीय पुस्तकालय, दुमका में नियमित अध्ययन कर उन्होंने अपनी तैयारी को मजबूत बनाया और अपने सपने को साकार किया।

यह उनका तीसरा प्रयास था। इससे पहले वह एक बार इंटरव्यू तक पहुंचीं, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं बना सकीं। हालांकि असफलता ने उन्हें कमजोर नहीं किया, बल्कि और मजबूत बनाया। लगातार प्रयास और कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने इस बार शानदार सफलता हासिल की।

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में उनका चयन झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से सीडीपीओ पद के लिए भी हो चुका है। सुदीपा दत्ता की यह सफलता झारखंड की बेटियों के लिए एक मजबूत संदेश है, अगर इरादे बुलंद हों तो छोटे शहरों की बेटियां भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में इतिहास रच सकती हैं।

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