चौकेगारिया में धूमधाम से मनाया गया सरहुल, मांदर की थाप पर झूमे लोग

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चौकेगारिया में धूमधाम से मनाया गया सरहुल, मांदर की थाप पर झूमे लोग

कुकड़ू, 24 फरवरी : चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के कुकड़ू प्रखंड अंतर्गत चौकेगारिया गांव में आदिवासी समाज का प्रमुख वसंत पर्व सरहुल पारंपरिक उत्साह, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। प्रकृति उपासना के इस महापर्व में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र में उत्सवी माहौल बना रहा।

 

कार्यक्रम में पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष अशोक साव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने सरहुल को प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम बताते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक एकता, भाईचारे और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। उन्होंने लोगों से प्रकृति की रक्षा और पारंपरिक मूल्यों को संरक्षित रखने का आह्वान किया।

 

ज्ञात हो कि सरहुल झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ में जनजातियों द्वारा मनाया जाने वाला महत्वपूर्ण वसंत पर्व और आदिवासी नववर्ष है। यह पर्व चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है, जो साल (सखुआ) वृक्ष में नई कोपलों के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर जल, जंगल और धरती माता की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।

 

चौकेगारिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न की गई। इसके पश्चात मांदर की थाप पर युवक-युवतियों एवं ग्रामीणों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को उल्लासमय बना दिया। मुख्य अतिथि अशोक साव भी मांदर की थाप पर आदिवासी समाज के साथ झूमते नजर आए।

 

कार्यक्रम में उप मुखिया मनोज मछुआ, डुंपा हांसदा, नारायण हांसदा, सुभाष चंद्र सोरेन, सुधीर बास्के, दशरथ हांसदा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, समाज के गणमान्य लोग एवं युवा उपस्थित थे। पूरे क्षेत्र में सरहुल पर्व को लेकर उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।

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