सेरेंगसिया फुटबॉल मैदान की बदहाल स्थिति पर ग्रामीणों में आक्रोश, जिम्मेदारी तय करने की मांग

चाईबासा, 18 फरवरी : कोल्हान क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर माने जाने वाले सेरेंगसिया फुटबॉल मैदान की दयनीय स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। मैदान में फैली गंदगी, प्लास्टिक कचरे और अव्यवस्था के कारण अब यहां आम लोगों के साथ-साथ पशुओं का रहना भी मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार 2 फरवरी को जिला प्रशासन के दिशा-निर्देश पर झारखंड सरकार तथा स्थानीय आयोजन समिति द्वारा यहां एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मैदान की समुचित सफाई नहीं कराई गई, जिससे चारों ओर प्लास्टिक और कचरे का अंबार लग गया है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आसपास के घरों की मुर्गियां, बकरियां और गाय मैदान में पड़े प्लास्टिक को खा रही हैं, जिससे कई पशु बीमार हो रहे हैं तथा कुछ की मौत भी हो चुकी है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी और चिंता बढ़ गई है। यह मैदान कोल्हान के क्रांति वीर योद्धाओं की पवित्र भूमि से जुड़ा स्थल माना जाता है और पारंपरिक मानकी-मुंडा व्यवस्था के अधिकार क्षेत्र में आता है।
ऐसे में ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि ऐतिहासिक स्थल की इस दुर्दशा के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है। लोगों का कहना है कि प्रशासन, आयोजन समिति और पारंपरिक व्यवस्था, सभी को मिलकर इसकी जवाबदेही तय करनी चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की है कि मैदान की तत्काल साफ-सफाई कराई जाए, कचरा निष्पादन की समुचित व्यवस्था हो तथा भविष्य में किसी भी कार्यक्रम के बाद स्थल की स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।



