उपायुक्त की सख्ती से शिक्षा व्यवस्था में कसावट, लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई के संकेत

गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई, बच्चों की उपस्थिति और योजनाओं के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन पर जोर
सरायकेला, 29 जनवरी : जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं शैक्षणिक गतिविधियों की गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, संकुल एवं प्रखंड संसाधन व्यक्ति तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने तथा आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN) मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से हासिल करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपायुक्त ने बिना सूचना के लगातार अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों एवं कर्मियों की सूची तैयार कर विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप निलंबन व बर्खास्तगी की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति और नियमित अध्यापन कार्य की सघन निगरानी के आदेश दिए गए।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर देते हुए उपायुक्त ने रोस्टरवार विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने, छूटे हुए बच्चों का आधार नामांकन एवं जन्म प्रमाण पत्र निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति लगातार कम पाई जा रही है, वहां अभिभावकों और ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जनसंपर्क कार्यक्रम चलाने को कहा गया। इस कार्य में जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग लेने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर शिक्षकों व विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति, आवासीय विद्यालयों में नामांकन, समग्र शिक्षा अभियान के तहत विद्यालयों की संरचनात्मक सुविधाएं, भवन निर्माण-मरम्मति तथा खेल-कूद गतिविधियों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने छूटी हुई किशोरियों को सवित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से जोड़ने हेतु शीघ्र आवेदन प्राप्त कर विभाग को भेजने का निर्देश दिया।
जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चक्रधरपुर (राजनगर) के जर्जर भवन की जानकारी दिए जाने पर उपायुक्त ने बच्चों को वैकल्पिक भवन में स्थानांतरित कर पढ़ाई सुचारु रखने तथा मरम्मति व अतिरिक्त कक्षा निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने का आदेश दिया।
इसके अलावा फोलिक एसिड व आयरन टैबलेट वितरण से संबंधित डाटा समय पर पोर्टल पर अपलोड करने और कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को ड्रेस मद की राशि आवंटन मिलते ही DBT के माध्यम से खातों में भेजने के निर्देश दिए गए। जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित अस्वीकृत आवेदनों को सुधार कर पुनः अग्रसारित करने और शत-प्रतिशत बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि नगरपालिका आम निर्वाचन-2026 के बाद प्रतिनियुक्त शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में लौटकर योगदान दें। उन्होंने दोहराया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता और बच्चों तक योजनाओं का समय पर लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए प्रखंड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग अनिवार्य होगी।



