उपायुक्त ने आजीविका योजनाओं में तेज़ी के दिए निर्देश, SHG–CLF के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर – राशन–किराना दुकान, खिलौना निर्माण प्रशिक्षण और मुद्रा ऋण से सशक्त होंगी ‘दीदियां’

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

उपायुक्त ने आजीविका योजनाओं में तेज़ी के दिए निर्देश, SHG–CLF के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने पर जोर – राशन–किराना दुकान, खिलौना निर्माण प्रशिक्षण और मुद्रा ऋण से सशक्त होंगी ‘दीदियां’

सरायकेला, 29 जनवरी : जिले में महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला आजीविका समन्वय समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कृषि, मत्स्य, उद्यान, पशुपालन विभाग के जिला पदाधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक, JSLPS के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्वयं सहायता समूह (SHG) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को और अधिक सुदृढ़ करने तथा महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण महिलाएं केवल लाभुक ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उद्यमी बनें।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि प्रथम वर्ष के चिन्हित CLF के अंतर्गत SHG से जुड़ी दीदियों की रुचि और क्षमता के अनुसार राशन एवं किराना दुकान संचालन की प्रक्रिया तेज की जाए। इसके साथ ही 25 चिन्हित CLF के लिए जिला स्तर पर किराना/ग्रोसरी सामग्री का गोदाम स्थापित कर खुदरा दर पर सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया, जिससे दीदियों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सके।

खिलौना निर्माण को आजीविका के नए अवसर के रूप में विकसित करने पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने खरसावाँ, चांडिल और गम्हरिया क्षेत्र की इच्छुक दीदियों को चरणबद्ध ढंग से प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिला एवं आंगनबाड़ी स्तर पर प्रशिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ कर खिलौना निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि अधिक से अधिक समूहों की महिलाएं इससे जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकें।

इसके अलावा उपायुक्त ने SHG और CLF के विकास के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने, आजीविका संवर्धन हेतु उपयुक्त भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव जिला मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकाधिक दीदियों को मुद्रा ऋण योजना से जोड़ने तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अंतर्गत लंबित क्लेम के शीघ्र निपटारे पर भी जोर दिया।

प्रखंड स्तर पर योजनाओं की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए पंपलेट तैयार कर वितरण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, आय-सृजन और आजीविका विकास जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को JSLPS के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना होगा।

Share This Article