सोमा मुंडा हत्याकांड व जमीन लूट के खिलाफ चाईबासा में मशाल जुलूस

आदिवासी संगठनों ने न्याय की मांग को लेकर बुलंद की आवाज
चाईबासा, 16 जनवरी : सोमा मुंडा हत्याकांड के विरोध में तथा आदिवासी जमीन की कथित लूट के खिलाफ शुक्रवार को चाईबासा में आदिवासी संगठनों और स्थानीय समुदाय की ओर से मशाल जुलूस निकाला गया। मशाल जुलूस के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सोमा मुंडा की निर्मम हत्या के खिलाफ न्याय की मांग करते हुए सरकार और प्रशासन का ध्यान आदिवासी समाज से जुड़े गंभीर मुद्दों की ओर आकृष्ट किया।
शाम के समय निकाले गए मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में आदिवासी कार्यकर्ता, सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि, युवा और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। हाथों में जलती मशालें लेकर प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े और हत्याकांड के दोषियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की।
जुलूस का नेतृत्व कर रहे आदिवासी संगठनों के नेताओं ने कहा कि सोमा मुंडा की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन विवाद और भू-माफियाओं के बढ़ते प्रभाव के कारण आदिवासी लगातार उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन की ढिलाई चिंता का विषय है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि आदिवासी इलाकों में जमीन की लूट, अवैध खरीद-फरोख्त और जबरन कब्जे की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पा रहा है। मशाल जुलूस के माध्यम से सरकार से मांग की गई कि आदिवासी जमीनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
आदिवासी संगठनों ने इस अवसर पर 17 जनवरी को संपूर्ण झारखंड बंद का आह्वान भी किया है। संगठनों का कहना है कि यह बंद किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि न्याय, मुआवजा और आदिवासी भूमि संरक्षण की मांग को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने आम जनता, दुकानदारों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से बंद को समर्थन देने की अपील की।



