हाथी हमलों से निपटने को प्रशासन अलर्ट, पश्चिम सिंहभूम में उठाए जा रहे व्यापक ऐतिहाती कदम

चाईबासा, 08 जनवरी : पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा और कोल्हान वन प्रमंडल में लगातार हो रहे हाथियों के हमलों से जिलेवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड के सचिव अबूबकर सिद्दीकी के निर्देशानुसार स्थिति की गंभीरता को देखते हुए RCCF जमशेदपुर, CF चाईबासा सहित सभी वन प्रमंडल पदाधिकारी जिला मुख्यालय में कैंप कर रहे हैं। दोनों डिवीजनों में गठित टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित इलाकों में सार्वजनिक घोषणा के साथ ग्रामीणों को टॉर्च और पटाखे वितरित किए गए हैं, ताकि हाथियों को मानव बस्ती से दूर रखा जा सके।
किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए QRT (क्विक रिस्पांस टीम) की तैनाती की गई है। बताया गया कि 4 जनवरी से पश्चिम बंगाल से विशेषज्ञों की टीम तैनात है, जो हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कार्य कर रही है।
समस्या पैदा करने वाले हाथियों को बेहोश कर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए 6 जनवरी को वंतारा से औपचारिक बातचीत शुरू की गई। वहीं 7 जनवरी की दोपहर वाइल्डलाइफ SOS तथा मोबाइल वेटरनरी यूनिट, क्योंझर (ओडिशा) के साथ भी औपचारिक चर्चा की गई, जिसके बाद उसी शाम MVU क्योंझर (WTI) की टीम चाईबासा पहुंच गई।
CCF (वाइल्डलाइफ) की अध्यक्षता में एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है, जो साइट पर कैंप कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। प्रभावित क्षेत्रों में थर्मल ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। नियमानुसार पीड़ितों को एक्स-ग्रेशिया एवं मुआवजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है। हाथी हमलों में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराकर बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।
बताया गया है कि PCCF (वाइल्डलाइफ) स्वयं चाईबासा पहुंच रहे हैं, जबकि WII देहरादून से वाइल्डलाइफ विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


