जमशेदपुर में मिर्गी पीड़ितों के लिए ‘उल्लास मित्र अभियान’ की शुरुआत, अधिकारियों ने दिया आर्थिक सहयोग

जमशेदपुर, 18 जनवरी : पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा मिर्गी से पीड़ित मरीजों के सतत उपचार और सामाजिक संबल के उद्देश्य से ‘उल्लास मित्र अभियान’ की शुरुआत की गई। इस मानवीय पहल के तहत उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी सहित कुल आठ पदाधिकारियों ने मिर्गी मरीजों की सहायता के लिए प्रति पदाधिकारी तीन-तीन हजार रुपये का आर्थिक योगदान प्रदान किया।
इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि उल्लास मित्र अभियान का उद्देश्य मिर्गी से ग्रसित मरीजों को केवल चिकित्सकीय उपचार तक सीमित न रखते हुए उन्हें सामाजिक सहयोग, पोषण सहायता और मानसिक संबल उपलब्ध कराना है, ताकि वे नियमित इलाज के साथ सम्मानजनक और स्वस्थ जीवन जी सकें।
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक मिर्गी जांच एवं पहचान के लिए घाटशिला, पटमदा और शहरी क्षेत्र में दो शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में कुल 1560 लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें से 967 मिर्गी पीड़ित मरीजों की पहचान हुई है। सभी चिन्हित मरीजों को नियमानुसार उपचार उपलब्ध कराते हुए सतत चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
जिला प्रशासन द्वारा मरीजों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उल्लास मित्र अभियान के माध्यम से उन्हें दवाइयों, पोषाहार एवं अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए सहयोग प्रदान किया जा रहा है, ताकि उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
इसी क्रम में जिला प्रशासन ने मिर्गी जांच एवं उपचार अभियान को और विस्तार देने का निर्णय लिया है। 02 फरवरी 2026 को चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक विशेष मिर्गी जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
जिला प्रशासन ने जिले के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों से इस मानवीय पहल से जुड़ने तथा मिर्गी पीड़ित मरीजों के सहयोग के लिए आगे आने की अपील की है।



