रामलीला मैदान में उमड़ा आस्था का सागर, भव्य कलश यात्रा से गूंजा साकची — भागवत कथा के अमृत वचनों से भक्तिमय हुआ वातावरण

जमशेदपुर, 11 फ़रवरी : साकची स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान बुधवार को पूर्णतः भक्तिरस में सराबोर नजर आया। श्रीरामलीला उत्सव समिति के तत्वावधान में भागवत कथा समिति द्वारा निकाली गई भव्य कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया। धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा और भक्ति की अनुपम छटा इस आयोजन में स्पष्ट झलक रही थी।
प्रातः स्वर्णरेखा नदी तट पर वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के साथ पवित्र जल से कलश भरकर यात्रा का शुभारंभ हुआ। लगभग 200 से अधिक महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण किए भक्ति गीत गाते हुए चल रही थीं, वहीं 100 से अधिक पुरुष श्रद्धालु भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। हाथी-घोड़ा मंदिर, बस स्टैंड और 12 द्वारी मार्ग होते हुए जब यात्रा पुनः रामलीला मैदान पहुंची, तब तक पूरा मार्ग “हरे राम, हरे कृष्ण” और “जय श्रीराधे” के जयघोष से गुंजायमान हो चुका था।
रामलीला मैदान पहुंचने पर विधिपूर्वक कलश स्थापना की गई। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ अर्जित किया। दोपहर 3 बजे से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिवस सूत जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महात्म्य का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, सद्कर्म और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करने का दिव्य साधन है। उन्होंने भागवत श्रवण के महत्व, उसके काल और आध्यात्मिक लाभों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह मनुष्य को मोह-माया से मुक्त कर ईश्वर के समीप ले जाती है।
प्रथम दिवस कपिल मुनि और भक्त ध्रुव की प्रेरणादायक कथा का रसपान कराया गया। ध्रुव की अटूट भक्ति, तपस्या और दृढ़ संकल्प का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।
वृंदावन धाम से पधारे प्रसिद्ध कथा वाचक स्वामी सर्वाज्ञानंद जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराएं जीवन को सफल और सार्थक बनाने की अमूल्य धरोहर हैं। भागवत कथा का श्रवण मन, वचन और कर्म की शुद्धि का पावन माध्यम है, जो समाज में आध्यात्मिक जागरण का संचार करता है।
इस पावन अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। गोपी बाबू, सुभाष चंद्र शाह, डॉ. डी.पी. शुक्ला, शंकर लाल सिंघल, मगन पांडे, नीरज तिवारी, रोहित मिश्रा, जे.के. शर्मा सहित कई श्रद्धालु आयोजन में सहभागी बने। टेस्टिंग द्वारिका शाह एवं एवीएन के प्रतिनिधियों के साथ उनकी धर्मपत्नी भी श्रद्धापूर्वक उपस्थित रहीं और भागवत कथा एवं कलश यात्रा में अपना सहयोग एवं योगदान दिया।
यह आयोजन रामलीला उत्सव ट्रस्ट तथा मुन्ना बाबू गुप्ता विश्वास रामकृष्ण मित्र मंडल के सहयोग से संपन्न हो रहा है। प्रथम दिवस कथा पंडाल में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ यह दर्शाती है कि शहरवासियों के हृदय में धर्म और भक्ति की ज्योति आज भी प्रज्ज्वलित है। आगामी दिनों में भी कथा के माध्यम से भक्ति रस की अविरल धारा बहती रहेगी और श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करते रहेंगे।



