कौशल विकास व आजीविका संवर्धन पर उपायुक्त ने दी ठोस कार्ययोजना बनाने की नसीहत

सरायकेला, 19 अगस्त : समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्किल डेवलपमेंट एवं लाइवलीहुड मिशन से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, डीडीएम नाबार्ड, जिला नियोजन पदाधिकारी आलोक कुमार तोपनो, श्रम अधीक्षक अभिनाश ठाकुर, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक रवि शंकर प्रसाद, वाईपी रवि प्रकाश सिंह सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक में उपायुक्त ने पूर्व समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की और कौशल विकास व आजीविका संवर्धन योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी तरीके से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को उनकी योग्यता और रुचि के अनुसार रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।
रोजगार मेले और स्किल पार्क पर जोर
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों से रिक्तियों की जानकारी लेकर रोजगार मेले के माध्यम से स्थानीय युवाओं का नियोजन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिले में एक स्किल पार्क का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय को भेजा जाए। इसके लिए युवाओं के मोबिलाइजेशन हेतु 15 दिवसीय कैलेंडर भी तैयार करने को कहा गया।
उन्होंने स्थानीय स्तर पर उत्पादित एवं निर्मित वस्तुओं को ब्रांडिंग, मूल्य निर्धारण और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल करने पर बल दिया। इसके लिए जिला स्तर पर कैटलॉग तैयार करने और विशेषकर कुकून उत्पादन में निवेश बढ़ाने की कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
बैठक में उपायुक्त ने यह भी कहा कि विभिन्न योजनाओं में रोजगार/स्वरोजगार हेतु निरस्त किए गए आवेदनों की सूची तैयार कर लाभुकों से पुनः आवेदन कराया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग योजनाओं से जुड़ सकें।
युवाओं को नई तकनीकी ट्रेनिंग की तैयारी
उन्होंने युवाओं को सीसीटीवी कैमरा स्थापना, ड्रोन संचालन, सौर उपकरण मरम्मती, विद्युत तार फिटिंग, होटल प्रबंधन, टूर असिस्टेंट, डेटा एंट्री ऑपरेटर आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केंद्रों की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और प्रशिक्षुओं की उपस्थिति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही पूर्व में संचालित कार्यक्रमों की उपलब्धियों और चुनौतियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के जरिए अधिक से अधिक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।


