एआईडीएसओ सरायकेला खरसावां जिला कमेटी का सातवां छात्र सम्मेलन संपन्न

चांडिल, 28 दिसंबर : ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन सरायकेला खरसावां जिला छात्र सम्मेलन रविवार को डाक बंगला चांडिल में संपन्न हुआ। स्कूल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी, सत्र अनियमितता, परीक्षाफल में गड़बड़ी, अवैज्ञानिक सेमेस्टर सिस्टम, सीट कटौती व शिक्षा को बर्बाद करने वाली नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के खिलाफ, आदित्यपुर और कुकडू में सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना एवं छात्रवृत्ति की समस्या दूर करने के लिए आवाज बुलंद की गई।
सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। इसके पूर्व हाथों में अपनी मांग का तख्ती लेकर सिंहभूम कॉलेज चांडिल से डाक बंगला स्टेशन चांडिल तक जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। अधिवेशन में राजनैतिक और सांगठनिक प्रस्ताव को पारित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय कोषाध्यक्ष समसुल आलम ने कहा कि एआईडीएसओ अपने स्थापना काल से ही जनवादी धर्मनिरपेक्ष और वैज्ञानिक शिक्षा की मांग को लेकर छात्रों को संगठित करने का काम कर रहा है। छात्र और शिक्षाप्रेमियों की यह लड़ाई सिर्फ शिक्षा बचाने की ही लड़ाई नहीं है, बल्कि सभ्यता और इंसानियत बचाने की भी लड़ाई है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा बजट में कटौती एवं आवश्यक संसाधनों की कमी की वजह से आज सार्वजनिक शिक्षा हांफ रही है। सरकार द्वारा लायी गयी नयी शिक्षा नीति-2020 बची-खुची सरकारी शिक्षा को भी समाप्त कर रही है। यह शिक्षा नीति शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण व साम्प्रदायीकरण की ब्लूप्रिंट के सिवा कुछ नहीं है। शिक्षा का काम छात्रों में तार्किक सोच तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना होना चाहिए, जबकि नयी शिक्षा नीति-2020 में शिक्षण संस्थानों की स्वायत्तता को खत्म कर शिक्षा के केंद्रीयकरण के नाम पर सारा नियंत्रण केंद्र सरकार अपने हाथों में ले रही है। अधिवेशन को राज्य सचिव सोहन महतो ने भी संबोधित किया।
नई काउंसिल के नेतृत्व में सरायकेला-खरसावां जिले में शिक्षा व्यवस्था की जर्जर स्थिति को सुधारने को लेकर बृहद पैमाने पर छात्र आंदोलन का निर्णय लिया गया। इस दौरान नए जिला काउंसिल का गठन किया गया। जिला काउंसलिंग में अध्यक्ष विशेश्वर महतो, उपाध्यक्ष कार्तिक गोप, प्रभात महतो,अमन सिंह, सचिव युधिष्ठिर प्रमाणिक, कोषाध्यक्ष राजा प्रामाणिक, कार्यालय सचिव लक्खीकांत पातर सहित 40 सदस्यों की काउंसिल का गठन किया गया।



