जलाशयों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में संभावित आपदा प्रबंधन के लिए उपायुक्त ने जारी किया निर्देश

सरायकेला, 23 अगस्त : ओडिशा के रायरंगपुर सिंचाई प्रमंडल, रायरंगपुर द्वारा सूचित किया गया है कि आईएमडी द्वारा मौसम पूर्वानुमान एवं जलग्रहण क्षेत्र में हुई वर्षा के साथ-साथ अंतर्वर्ती क्षेत्र में बैकवाटर जलाशय से पानी छोड़े जाने की संभावना बनी हुई है। इस परिप्रेक्ष्य में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नितिश कुमार सिंह ने जिले के समस्त पदाधिकारियों एवं संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारी को निर्देश दिया है कि खरकई/स्वर्णरेखा नदी एवं चांडिल डैम के निचले क्षेत्रों में मानव सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव को रोकने हेतु आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करें तथा संवेदनशील क्षेत्रों में चौकसी बनाए रखें। प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी, ग्रामीण विकास विभाग, भवन निर्माण विभाग, पथ निर्माण विभाग, विशेष प्रमंडल, विद्युत आपूर्ति विभाग, नगर पंचायत / नगर परिषद को निर्देश दिया गया है कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्वरित कार्यवाही के लिए टीम गठित करें तथा विद्युत/जलापूर्ति की व्यवस्था नियंत्रित करने सहित राहत एवं बचाव की सभी आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें।
जिला उद्यान पदाधिकारी एवं कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि जलाशयों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में फसल, बागान एवं खेती प्रभावित हो सकती है, इसलिए किसानों को पूर्व में सूचित कर आवश्यक सावधानियां बरतने हेतु जागरूक करें। अनुमंडल पदाधिकारी, चांडिल, अंचलाधिकारी, चांडिल एवं चांडिल नगर परिषद को निर्देश दिया गया है कि जलाशयों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में खरकई/स्वर्णरेखा नदी एवं चांडिल डैम के निचले क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखें।सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया है कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आपातकालीन परिस्थितियों हेतु तैयार रखें, आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराएं तथा मोबाइल मेडिकल यूनिट एवं एम्बुलेंस को अलर्ट मोड पर रखें।
अपर उपायुक्त को निर्देशित किया गया है कि सभी संबंधित विभागों से सतत संपर्क स्थापित कर समन्वय बनाए रखें और किसी भी संभावित घटना की स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करें। अनुमंडल पदाधिकारी, सरायकेला एवं चांडिल को निर्देश दिया गया है कि जन-जीवन की सुरक्षा हेतु जलस्तर नियंत्रण पर सतत निगरानी रखें, 24×7 नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखें तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तुरंत प्रारंभ करें। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि आपदा की संभावित स्थिति में प्रत्येक विभाग एवं पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है तथा सभी विभाग सतर्क एवं अलर्ट मोड में रहेंगे।


