कपाली के केंदडीह में सड़क किनारे बालू का स्टॉक, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल – अवैध कारोबार के आरोपों की जांच की मांग

MANBHUM UPDATES
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कपाली के केंदडीह में सड़क किनारे बालू का स्टॉक, स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल – अवैध कारोबार के आरोपों की जांच की मांग

चांडिल, 31 मई : सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली ओपी क्षेत्र अंतर्गत केंदडीह में सड़क किनारे बड़े पैमाने पर बालू का स्टॉक किए जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि यहां लंबे समय से बालू का भंडारण किया जा रहा है और इसकी वैधता को लेकर प्रशासन को जांच करनी चाहिए।

इस संबंध में वास्तविक स्थिति जानने के लिए MANBHUM UPDATES ने जिला खनन पदाधिकारी से मोबाइल फोन पर संपर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो सका।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि केंदडीह में लंबे समय से बालू का कारोबार संचालित हो रहा है। लोगों के अनुसार रात के समय बड़े वाहनों के माध्यम से बालू लाया जाता है, जबकि दिन में छोटे वाहनों से इसे विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता है। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

MANBHUM UPDATES की टीम ने 28 मई की रात मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पड़ताल के दौरान सड़क किनारे बालू का स्टॉक पाया गया। इसके बाद आसपास के लोगों से बातचीत में यह जानकारी सामने आई कि कथित तौर पर ईचागढ़ और तिरुलडीह क्षेत्र से रात के समय हाइवा वाहनों के माध्यम से बालू लाया जाता है, जिसे बाद में कपाली और जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों में भेजा जाता है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

बालू, गिट्टी, ईंट के ढेर से स्कूली बच्चों को होती हैं परेशानी

यहां बालू के साथ साथ बड़े पैमाने पर गिट्टी तथा ईंट को स्टॉक किया जाता है। अभिभावकों ने बताया कि मार्ग पर सामग्री रहने के कारण स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती हैं, क्योंकि स्टॉक यार्ड के बगल में ही एक स्कूल है, जहां छोटे बच्चे पढ़ाई करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बालू का भंडारण और परिवहन पूरी तरह वैध है तो संबंधित दस्तावेजों और अनुमति की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। वहीं यदि किसी प्रकार की अनियमितता है तो प्रशासन को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में जिले में बालू खनन और परिवहन से जुड़े मुद्दों पर समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला खनन पदाधिकारी की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से MANBHUM UPDATES को कानूनी नोटिस भेजा गया था। ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि जिले में अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन की शिकायतों पर जवाबदेही किसकी तय होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि खनिजों के अवैध खनन, भंडारण और परिवहन की रोकथाम एक साझा प्रशासनिक जिम्मेदारी है, जिसमें खनन विभाग, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा अन्य संबंधित विभागों की भूमिका निर्धारित होती है। किसी भी मामले में दोष या जिम्मेदारी का निर्धारण जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही किया जा सकता है।

फिलहाल केंदडीह में सड़क किनारे बालू भंडारण की वैधता अथवा अवैधता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता सामने लाना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि लोगों के बीच उठ रहे सवालों का जवाब मिल सके और यदि कोई अनियमितता हो तो उस पर उचित कार्रवाई की जा सके

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