पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल : सुनील गुप्ता हमले के विरोध में एकजुट हुआ मीडिया जगत, 24 घंटे का अल्टीमेटम

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पत्रकार सुरक्षा पर उठे सवाल : सुनील गुप्ता हमले के विरोध में एकजुट हुआ मीडिया जगत, 24 घंटे का अल्टीमेटम

सरायकेला/आदित्यपुर, 15 जून : आदित्यपुर के मोतीनगर में पत्रकार सुनील कुमार गुप्ता और उनके पुत्र अनुराग कुमार गुप्ता पर हुए जानलेवा हमले ने जिले में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के विरोध में प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला-खरसावां समेत विभिन्न पत्रकार संगठनों ने एकजुट होकर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है।

प्रेस क्लब का कहना है कि यदि निर्धारित समय के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो आदित्यपुर थाना के समक्ष धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। पत्रकारों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति पर हमले का नहीं, बल्कि स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता के माहौल से जुड़ा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम पत्रकार सुनील कुमार गुप्ता बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे उनके पुत्र अनुराग कुमार गुप्ता भी हमलावरों के निशाने पर आ गए। स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद दोनों को बचाया जा सका। बाद में पुलिस ने दोनों घायलों को उपचार के लिए गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

मामले में प्रकाश कुमार यादव, दिनेश कुमार यादव और नीरज कुमार यादव सहित अन्य लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वन विभाग की भूमि पर संचालित अवैध खटालों को लेकर चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि में घटना हुई है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला-खरसावां के महासचिव प्रमोद सिंह ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक विषय है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार ही असुरक्षित महसूस करेंगे तो जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का कार्य प्रभावित होगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की।

घटना के बाद जिले के पत्रकारों में व्यापक नाराजगी देखी जा रही है। कई मीडिया कर्मियों ने इसे पत्रकारों के प्रति बढ़ती असहिष्णुता का संकेत बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं, पत्रकार संगठनों ने साफ कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक कार्यक्रम के जरिए अपनी आवाज बुलंद की जाएगी। अब सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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