पुरुलिया साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार
पुरुलिया, 03 सितंबर : पुरुलिया जिला साइबर क्राइम पुलिस ने संदिग्ध साइबर ठगी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुरुलिया और पड़ोसी झारखंड से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का संबंध साइबर ठगी से हासिल रकम को एटीएम के जरिए निकालने और नेटवर्क से जुड़े अन्य वित्तीय लेन-देन से होने का संदेह है। गिरफ्तार आरोपियों को चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, साइबर पोर्टल से प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर पुरुलिया साइबर क्राइम थाना में 18 और 19 अगस्त को दो अलग अलग मामले दर्ज किए गए थे। सूचना में संदिग्ध बैंक खातों, एटीएम से निकासी, मोबाइल कॉल लोकेशन और जिले के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़े वित्तीय लिंक की जानकारी मिली थी।
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों और लेन-देन की गहन जांच शुरू की। वित्तीय लेन-देन और मनी ट्रेल के विश्लेषण के दौरान कई संदिग्ध एटीएम निकासी सामने आई। जांच की कड़ी आगे बढ़ाते हुए पुलिस पुरुलिया टाउन के ईस्ट लेक रोड निवासी आयुष सिंघा (19) तक पहुंची। पुलिस ने उसे 2 सितंबर को गिरफ्तार किया।
पूछताछ के दौरान मिले सुरागों और तकनीकी व वित्तीय जांच के आधार पर पुलिस ने नेटवर्क से जुड़े चार अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों में से कुछ ने पुरुलिया टाउन में कमरा किराए पर लिया था और कथित तौर पर साइबर ठगी से संबंधित गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस को संदेह है कि साइबर अपराध से हासिल रकम को पुरुलिया के विभिन्न इलाकों में स्थित एटीएम से निकाला जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों में पुरुलिया के तीन और झारखंड के दो आरोपी शामिल हैं। इनमें आयुष सिंघा (19), पिता संदीप सिंघा, ईस्ट लेक रोड, पुरुलिया टाउन; अंकित सिंघा (32), पिता अपरूप सिंघा, इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, पुरुलिया टाउन; रॉकी बाउरी (24), पिता बिमल बाउरी, चरपटिया, थाना पाड़ा; संदीप कुमार बाउरी (24), पिता दिलीप बाउरी, छोटा पुटकी बस्ती, थाना पुटकी, धनबाद और सूरज तिवारी (24), पिता कामिकांत तिवारी, चंदनकियारी, बोकारो शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद चार दिनों की पुलिस हिरासत में लिया गया है। अब पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही ठगी की रकम के पूरे मनी ट्रेल, उससे जुड़े बैंक खातों और लेन-देन की जांच की जा रही है।
पुलिस का फोकस साइबर अपराध से अर्जित रकम के अंतिम गंतव्य का पता लगाने और उसकी बरामदगी पर भी है। मामले में तकनीकी और वित्तीय जांच जारी है।



