पितकी रेलवे ओवरब्रिज 22 अगस्त को होगा लोकार्पित, चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर जाम से मिलेगी स्थायी राहत

चांडिल, 20 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल के समीप चांडिल-पुरुलिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहुप्रतीक्षित पितकी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य आखिरकार पूरा हो गया है। अब इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को पितकी रेलवे फाटक पर लगने वाले भीषण जाम से स्थायी राहत मिलने वाली है। 22 अगस्त को ओवरब्रिज का लोकार्पण किया जाएगा। लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में रक्षा राज्यमंत्री सह रांची सांसद संजय सेठ शामिल होंगे।
दरअसल, पितकी रेलवे फाटक पर ट्रेनों के आवागमन के दौरान घंटों जाम लग जाता था। इससे स्कूली बच्चों, मरीजों, नौकरी-पेशा लोगों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी होती थी। अब ओवरब्रिज चालू होने के बाद लोगों को इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है।

पहले 31 जुलाई तक ओवरब्रिज को आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी थी, लेकिन लगातार बारिश के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। ओवरब्रिज पर बिछाए गए मेटेरियल के खराब होने के बाद उसे हटाकर दोबारा काम करना पड़ा। बारिश थमने के बाद पुनः मेटेरियल बिछाने, कालीकरण, सुरक्षा संकेतक और अन्य आवश्यक कार्य पूरे किए गए।
कोल्हान से बंगाल तक लोगों को मिलेगी राहत
चांडिल-पुरुलिया मार्ग औद्योगिक और व्यावसायिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह मार्ग जमशेदपुर, सरायकेला और चाईबासा समेत कोल्हान क्षेत्र को बोकारो, धनबाद, जामताड़ा सहित राज्य के अन्य हिस्सों से जोड़ता है। साथ ही झारखंड को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, आसनसोल और दुर्गापुर जैसे शहरों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग भी है। पितकी ओवरब्रिज के चालू होने से इस मार्ग पर आवागमन सुगम होगा और यात्रियों के समय की बचत होगी।
तीन रेलवे ट्रैक के कारण निर्माण रहा चुनौतीपूर्ण
चांडिल-पुरुलिया मार्ग पर कुल चार ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इनमें पितकी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। अन्य ओवरब्रिज की तुलना में पितकी में तीन रेलवे ट्रैक हैं। इनमें एक ट्रैक अन्य दो ट्रैक से काफी दूरी पर है, जिसके कारण ओवरब्रिज की लंबाई भी अधिक है।
इसके अलावा निर्माण स्थल से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर चांडिल जंक्शन स्थित होने के कारण रेलवे ट्रैक के ऊपर स्टील गार्डर लॉन्चिंग का काम भी चुनौतीपूर्ण रहा। ट्रेनों के परिचालन को लंबे समय तक रोकना संभव नहीं होने के कारण निर्माण एजेंसियों को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ा।
बारिश बनी अंतिम बाधा
ओवरब्रिज निर्माण में तेजी लाने के लिए रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ लगातार अधिकारियों के संपर्क में रहे और निर्माण कार्य की समीक्षा करते रहे। उनके स्तर से एनएचएआई और रेलवे अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंचा ही था कि जुलाई के अंतिम दिनों में हुई भारी बारिश ने काम की गति प्रभावित कर दी। ओवरब्रिज पर बिछाया गया मेटेरियल बारिश के कारण खराब हो गया, जिसे हटाकर दोबारा बिछाना पड़ा। इसके बाद कालीकरण सहित अन्य कार्य पूरे किए गए। सुरक्षा संकेतक और अन्य जरूरी इंतजाम भी किए गए।
ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद अब 22 अगस्त को इसके लोकार्पण की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके चालू होने से न केवल चांडिल क्षेत्र बल्कि पूरे कोल्हान और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को पितकी रेलवे फाटक के जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।




