“जनजाति सांस्कृतिक समागम” में शामिल होने कोल्हान से आदिवासियों का दल नई दिल्ली रवाना
जमशेदपुर, 22 मई : भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर नई दिल्ली के लाल किला मैदान में 24 मई को होने वाले “जनजाति सांस्कृतिक समागम” कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शुक्रवार को कोल्हान के आदिवासियों का एक दल जमशेदपुर से रवाना हुआ। जनजाति सुरक्षा मंच के कोल्हान प्रभारी सुरा बिरुली के नेतृत्व में आनंद विहार स्पेशल ट्रेन से नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। मौके पर सुरा बिरुली ने बताया कि झारखंड से पांच हजार कि संख्या में आदिवासी दिल्ली पहुंचेंगे।
इस ऐतिहासिक आयोजन में देशभर की 500 से अधिक जनजातियों के लगभग डेढ़ लाख प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से पारंपरिक वेशभूषा में पारंपरिक वाद्यंत्रों के साथ जनजातीय महिला-पुरुष, युवा दिल्ली में भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा निकालेंगे। यह शोभायात्रा दिल्ली में पांच अलग-अलग स्थानों से प्रारंभ होकर दिल्ली के लाल किला पहुंचेगी, जहां विशाल जनसभा को मुख्य अतिथि भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा की विरासत को स्मरण करना, जनजातीय संस्कृति एवं परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। इस आयोजन के माध्यम से धर्मांतरण बंद करने, जनजातीय धर्म-संस्कृति की रक्षा करने, प्रलोभन के माध्यम से होने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाने, धर्मांतरित जनजातीय लोगों के नाम अनुसूचित जनजाति सूची से हटाने, धर्मांतरित व्यक्ति अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर चुनाव न लड़ सकें और धर्मांतरित व्यक्ति अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी पद या शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश न ले सकें इस मांग को बल देना है